मोदी-शाह आप Gen-Z को धमका नहीं सकते, पहले आपने उनकी हड्डियां तुड़वाईं, अब उनके खिलाफ FIR दर्ज कर रहे हो- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी और अमित शाह जी, आप ‘जनरेशन जेड’ को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। उन्होंने कहा, ‘‘पहले आपने उनकी हड्डियां तुड़वाईं। अब आप उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया खाते हटवा रहे हैं।

फोटो: विपिन
i

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे दोनों ‘भारत का अतीत’ हैं तथा उन्हें ‘भारत के भविष्य’ के साथ अपने व्यवहार को लेकर सावधान रहना चाहिए। लो

आपको बता दें, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शुक्रवार को एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी और अमित शाह जी, आप ‘जनरेशन जेड’ को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। उन्होंने कहा, ‘‘पहले आपने उनकी हड्डियां तुड़वाईं। अब आप उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया खाते हटवा रहे हैं।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आप दोनों भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ आप कैसा व्यवहार करते हैं, इस बारे में सावधान रहिए।’’

इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिस बर्बरता को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि अगर गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल की जानकारी थी तो जवाबदेही तय होनी चाहिए, नहीं थी तो उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि अमित शाह को बर्खास्त करें, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच का आदेश दें और छात्रों के साथ जो हुआ, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेने की शालीनता दिखाएं।

लोकसभा में माइक बंद कर दिया गया

राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि लोकसभा में छात्रों के साथ बर्बरता का मुद्दा उठाने पर उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया और उनसे कहा गया था कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांग लें तो उन्हें बोलने दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा।

बीजेपी-आरएसएस के लोगों से कभी माफी नहीं मांगूंगा

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बहाल करने और उन्हें बोलने का अवसर देने का आग्रह किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य मंत्रियों को कई बार बोलने का मौका मिला, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने कहा, "मुझे कहा गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। लेकिन मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना मेरा अधिकार है।"


राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए इस समय सबसे अहम मुद्दा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई बर्बरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और उनके साथ अत्यधिक बल प्रयोग हुआ। उन्होंने कहा, "प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन से गोली चलाई गई। एक छात्र की आंख में पैलेट लगी है और संभव है कि उसकी आंख की रोशनी चली जाए। मैंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि हुई है। सिर्फ सामान्य लाठी नहीं, बल्कि कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन का भी इस्तेमाल किया गया।