मानसून ने पकड़ी वापसी की रफ्तार, बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों से विदाई, इन राज्यों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की वापसी के बावजूद देश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों से वापसी की
अगले 2-3 दिनों के दौरान बाकी जगहों से मानसून की वापसी
अगले 2-3 दिन में कई राज्यों में तेज बारिश की संभावना
पिछले 24 घंटों के दौरान त्रिपुरा में भारी बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर भारत के बाकी बचे हिस्सों के साथ-साथ पूरे गुजरात, मध्य प्रदेश के साथ बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी वापसी कर ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को जारी अपने पूर्वानुमान में बताया कि अगले 2-3 दिनों के दौरान मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहने की संभावना है।
मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून वापसी की रेखा शनिवार को 27.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश/86.5 डिग्री पूर्वी देशांतर, सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होते हुए 17.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश/71.8 डिग्री पूर्वी देशांतर तक बनी हुई है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 2-3 दिनों में मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार और झारखंड के अधिकांश हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
अगले 2-3 दिन कुछ राज्यों में भारी बारिश की संभावना
पिछले 24 घंटों के दौरान त्रिपुरा में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, यहां 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई। वहीं, 3 अक्टूबर को असम और मेघालय तथा अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है।
अलग-अलग हिस्सों में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
आईएमडी के अनुसार, इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य अरब सागर और आसपास के क्षेत्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। कोमोरिन और आसपास के क्षेत्र तथा दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के पास भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तर गुजरात तक मध्य क्षोभमंडल में एक ट्रफ यानी द्रोणिका बनी हुई है।
6 से 9 अक्टूबर के बीच उत्तरी भारत में बारिश होगी
मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में तथा 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 6 से 9 अक्टूबर तक हल्की बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है
हिमाचल प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर और उत्तराखंड में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 और 9 अक्टूबर, पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की वापसी के बावजूद देश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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