मानसून सत्रः केंद्र ने कई अहम विधेयकों को लोकसभा में सूचीबद्ध किया, परिसीमन का जिक्र नहीं पर आशंका बरकरार

सरकार की ओर से परिसीमन विधेयक को पेश किए जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है, जिसपर हंगामे के आसार हैं। हालांकि अभी भी आशंका जताई जा रही है कि सरकार पिछले सत्र की तरह इस बार भी अचानक से यह विधेयक लाकर विपक्ष को चौंका सकती है।

मानसून सत्रः केंद्र ने कई अहम विधेयकों को लोकसभा में सूचीबद्ध किया, परिसीमन का जिक्र नहीं पर आशंका बरकरार
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केंद्र सरकार ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए जाने के लिए कुछ विधेयकों को सूचीबद्ध किया है जिनमें से एक विधेयक राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने से संबंधित है जबकि एक अन्य विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी के विरूद्ध कठोर प्रावधान से संबंधित है। हालांकि, अभी सरकार की ओर से महिला आरक्षण और उससे जुड़े परिसीमन संशोधन विधेयक को पेश किए जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है, जिसपर हंगामे के आसार हैं।

लोकसभा सचिवालय ने कहा कि सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को भी लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया है। यह विधेयक बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन इस पर विचार और पारित करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।


लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। सरकार इसके माध्यम से राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के दौरान किसी प्रकार की बाधा डालने या अपमान करने को दंडनीय अपराध बनाना चाहती है।

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लोकसभा में पेश करने, विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध एक अन्य विधेयक ‘जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ है। यह विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (जिसमें 2023 में संशोधन किया गया था) की धारा 13(3) में और संशोधन करने का प्रस्ताव करता है, ताकि पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाया जा सके।

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इसके अलावा सरका आगामी सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की योजना भी बना रही है। यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसके तहत सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में निवेश से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर विदेशी निवेशकों को आयकर से छूट दी गई थी। पश्चिम एशिया संकट के कारण रुपये पर बढ़ते दबाव के बीच विदेशी पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकार ने पिछले महीने यह अध्यादेश जारी किया था। सत्र में पेश किए जाने वाले नए विधेयकों की सूची के अनुसार, आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 का स्थान लेगा।

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खास बात है कि सरकार की ओर से महिला आरक्षण और उससे जुड़े परिसीमन संशोधन विधेयक को पेश किए जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है, जिसपर हंगामे के आसार हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार आगामी मानसून सत्र में महिला आरक्षण और उससे जुड़े परिसीमन संशोधन विधेयक को फिर से पेश कर सकती है, जो कि पिछले सत्र में लोकसभा में संवैधानिक रूप से अनिवार्य दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहने के कारण गिर गया था। हालांकि अभी भी आशंका जताई जा रही है कि सरकार पिछले सत्र की तरह इस बार भी अचानक से यह विधेयक लाकर विपक्ष को चौंका सकती है।

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