राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बीच ही संसद के मानसून सत्र की संभावना, सत्र के हंगामेदार होने के आसार

18 जुलाई को ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होना है और संसद के संभावित मानसून सत्र के समापन से पहले नए उपराष्ट्रपति का भी चुनाव संपन्न हो जाने की संभावना है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने देश के अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान कराने की घोषणा की है। नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तारीखों की घोषणा का अभी इंतजार किया जा रहा है, हालांकि बताया जा रहा है कि नए उपराष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में कराया जा सकता है। देश के इन दो शीर्ष पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया के बीच ही इस बार संसद के मानसून सत्र के आयोजित होने की भी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो सकता है। बताया जा रहा है कि मानसून सत्र का समापन 12 अगस्त को हो सकता है।

18 जुलाई को ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होना है और संसद के संभावित मानसून सत्र के समापन से पहले नए उपराष्ट्रपति का भी चुनाव संपन्न हो जाने की संभावना है। देश का उपराष्ट्रपति, राज्य सभा का पदेन सभापति भी होता है इसलिए यह माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र के समापन से पहले देश के नए उपराष्ट्रपति शपथ लेने के बाद राज्य सभा की कार्यवाही का संचालन भी कर सकते हैं।


हालांकि संसद के मानसून सत्र की तारीखों को लेकर आधिकारिक और अंतिम फैसला अभी किया जाना बाकी है। संसद सत्र की तारीखों को लेकर संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ही सिफारिश करती है। वर्तमान में इस समिति के अध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं।

राष्ट्रपति चुनाव की छाया में शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र का भी हंगामेदार होना तय माना जा रहा है क्योंकि इस चुनाव को लेकर अगर विपक्षी दलों में एकता बनती है तो राष्ट्रपति चुनाव का जो भी नतीजा आए, लेकिन विपक्षी एकता का असर संसद के दोनों सदनों लोक सभा और राज्य सभा में साफ-साफ दिखाई देगा।

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