मोरबी पुल त्रासदी मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, PIL दाखिल कर न्यायिक आयोग बनाने की मांग, अब तक 141 लोगों की मौत

गुजरात में हुए मोरबी पुल त्रासदी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने यहां एक जनहित याचिका दाखिल करके इस हादसे की जांच न्यायिक आयोग बनाकर करने की मांग की है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे में अब तक 141लोगों की मौत हो चुकी है। वही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में घटना की जांच के लिए राज्य सरकार को न्यायिक आयोग बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका को विशाल तिवारी नाम के शख्स ने दाखिल किया है जो पेशे से वकील भी हैं।

मोरबी पुल हादसे में अब तक नौ गिरफ्तार


मोरबी पुल हादसे को लेकर अभी तक आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और 9 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। पुलिस महानिरीक्षक, राजकोट रेंज, अशोक यादव ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अब तक अजंता मैन्युफैक्च रिंग कंपनी के दो प्रबंधकों, 2 बुकिंग क्लर्कों, मरम्मत कर्मियों के एक पिता-पुत्र की जोड़ी और तीन सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रबंधकों की पहचान दीपक पारेख, दिनेश दवे के रूप में हुई, और अन्य मनसुख टोपिया, महादेवभाई सोलंकी, प्रकाश परमार और उनके बेटे देवांग, अल्पेश गोहिल, दिलीप गोहिल और मुकेश चौहान हैं। आईजी ने कहा कि पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी।मोरबी पुल हादसा: गुजरात पुलिस - अब तक नौ गिरफ्तार


2 नवंबर को गुजरात में राज्यव्यापी शोक

मोरबी पुल हादसे में मृतकों के लिए 2 नवंबर को गुजरात में राज्यव्यापी शोक मनाने का निर्णय लिया गया। गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट किया, राज्य में सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई समारोह/मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि रविवार की शाम को मोरबी में मच्छु नदी में एक केबल पुल टूट गया था। खबरों की माने तो जिस वक्त ये हादसा हुआ था, उस समय करीब चार सौ लोग पुल पर थे। पुल के टूटते ही लोग नदी में गिर गए। इस बादसे में अब तक 141 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी कई लोग लापता हैं।

बता दें कि मोरबी में मच्छू नदी पर बने इस हैंगिंग ब्रिज (केबल पुल) का निर्माण मोरबी राजवंश के शासन सर वाघाजी ठाकोर ने लगभग 150 साल पहले करवाया था, जिसकी लंबाई 233 मीटर थी और यह 4.6 फीट चौड़ी थी।

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