विकास दुबे के कुकर्मों की मां ने मांगी माफी, गांव पहुंच नरसंहार पीड़ितों के आगे जोड़े हाथ

सरला देवी के गांव पहुंचने की खबर फैलने के बाद एक पुलिस टीम बिकरू गांव पहुंची। साथ ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट्स के जासूसों ने भी गांव का दौरा कर सरला की यात्रा के मकसद के बारे में पता किया। इस बारे में अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरू गांव में पिछले साल मौत का तंडव कर आठ पुलिसकर्मियों की जान लेने के कुछ दिन बाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की मां ने गांव पहुंचकर पीड़ितों से हाथ जोड़कर माफी मांगी है। इस सप्ताह के शुरू में विकास की मां सरला देवी ने अपने पैतृक गांव बिकरू का दौरा कर नरसंहार पीड़ितों से अपने बेटे के बुरे कृत्यों के लिए माफी मांगी।

पिछले साल 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में छापा मारने गई पुलिस की एक टीम पर विकास दुबे ने चारों तरफ से घात लगाकर हमला कर दिया था, जिसमें एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद फरार चल रहे विकास दुबे को एक हफ्ते बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन से बरामद करने के बाद पुलिस ने प्रदेश वापस लौटने के दौरान मुठभेड़ में मार गिराया था।

इस घटना के बाद से विकास दुबे का परिवार गांव नहीं आया था। लेकिन इस सप्ताह की शुरुआत में विकास की मां अचानक गांव पहुंची। इस दौरान जब कुछ महिलाओं ने कई परिवारों को बर्बाद कर देने की शिकायत की तो उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, "मुझे वास्तव में एक बदमाश को जन्म देने का अफसोस है और मैं उन सभी से माफी मांगती हूं, जिन्होंने विकास की वजह से प्रियजनों को खो दिया है। हालांकि, मेरा विकास और उसके कामों से कोई लेना-देना नहीं है।"

सूत्रों के अनुसार, सरला देवी ने बिकरू हत्याकांड के बाद पहली बार गांव का दौरा किया और सीधे उमा शंकर के घर गईं। उमा शंकर विकास के कथित सहयोगियों में से एक है और उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। वहां से, वह फिर अपने पैतृक घर को देखने गईं, जो कथित तौर पर बिकरू कांड के बाद अधिकारियों द्वारा गिरा दिया गया था। कुछ मिनट बिताने के बाद, वह फिर उमा शंकर के घर लौट आईं, जहां वह मंगलवार से रह रही थीं।

इस बीच सरला देवी के गांव पहुंचने की खबर इलाके में फैलने के बाद एक पुलिस टीम को बिकरू गांव भेजा गया। साथ ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट्स के जासूसों ने भी गांव का दौरा किया और सरला की यात्रा के मकसद के बारे में पता किया। इस बारे में अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।

गौरतलब है कि बिकरू हत्याकांड के बाद, सरला ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा था कि उन्हें कोई पछतावा नहीं होगा यदि उनके बेटे को एक ऐसे कृत्य के लिए मार डाला जाए, जिसने आठ पुलिसकर्मियों की जान ले ली थी।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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Published: 08 Jan 2021, 5:08 PM