दलित किसान परिवार के साथ शिवराज की पुलिस की बर्बरता पर राहुल गांधी बोले- हमारी लड़ाई इसी सोच, अन्याय के खिलाफ

गुना में जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए पुलिस की टीम पहुंची थी। किसान ने फसल कट जाने तक रुकने के लिए कहा। पुलिस नही रुकी और दलित परिवार के साथ जोर जबरदस्ती करने लगी। जब किसान के परिवार ने रोका तो पुलिस कर्मियों द्वारा उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

मध्य प्रदेश के गुना में दलित किसान परिवार के साथ पुलिस द्वारा की गई बेरहमी की पूरे देश में कड़ी निंदा की जा रही है। इस बीच राहुल गांधी ने पूरा घटना का वीडियो ट्वीट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वीडियो ट्वीट कर कहा, “हमारी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के खिलाफ है।”

दलित किसान परिवार के साथ बेरहमी का मामला क्या है?

गुना में जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए पुलिस की टीम पहुंची थी। इस दौरान किसान ने फसल कट जाने तक रुकने के लिए कहा। लेकिन पुलिस नही रुकी और दलित परिवार के साथ जोर जबरदस्ती करने लगी। जब किसान के परिवार ने रोका तो पुलिस कर्मियों द्वारा उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। यही नहीं दलित किसान को बचाने आई पत्नी और बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया। पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें दलित किसान और उसका परिवार पुलिस से रहम की भीख मांग रहा है। दलित किसान के बच्चों को रोते बिलखते देखा जा सकता है। जब पुलिस नहीं मानी तो दलित किसान और उसकी पत्नी ने खेत में ही कीटनाशक पी लिया। इसके बाद दंपति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में किरकिरी के बाद बुधवार रात सीएम ने गुना के एसपी और कलेक्टर को हटाने के आदेश दिए जबकि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उच्चस्तरीय जांच का ऐलान किया।


उधर, इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने भी शिवराज सरकार और उसकी पुलिस को घेरा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बुधवार को एक वीडियो के साथ ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "ये शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? ये कैसा जंगलराज है? गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज।"

उन्होंने आगे कहा, "यदि पीड़ित युवक का जमीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे कानूनन हल किया जा सकता है, लेकिन इस तरह कानून हाथ में लेकर उसकी, उसकी पत्नी की, परिजनों की और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है? क्या यह सब इसलिए कि वो एक दलित परिवार से है, गरीब किसान है?"


पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूखदारों द्वारा कब्जा की गई हजारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिए भी शिवराज सरकार तत्परता दिखाएगी? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।"

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 16 Jul 2020, 10:57 AM