जमानत शर्तों का उल्लंघन करने पर राणा दंपति को कोर्ट का नोटिस, पाबंदी के बाद भी दिए मीडिया इंटरव्यू

खार पुलिस थाने की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरत ने मुंबई शहर की अदालत में अर्जी देकर राणा दंपति की जमानत रद्द करने की मांग की। आवेदन में कहा गया है कि राणा दंपति जमानत की उन शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं जो पिछले सप्ताह न्यायाधीशन ने उन पर लगाई थीं।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मुंबई की एक अदालत ने सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को नोटिस भेजा है। कोर्टे का यह नोटिस राणा दंपति द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर भेजा गया है। कोर्ट ने जमानत देते वक्त राणा दंपति को सार्वजनिक बयान न देने की शर्त लगाई थी लेकिन नवनीत राणा निरंतर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अन्य नेताओं के खिलाफ बयान दे रही हैं।

इस सिलसिले में खार पुलिस थाने की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरत ने मुंबई शहर की दीवानी और सत्र अदालत के सामने एक आवेदन दायर कर नवनीत राणा और रवि राणा की जमानत रद्द करने की मांग की। आवेदन में कहा गया है कि राणा दंपति जमानत की उन शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं जो पिछले सप्ताह न्यायाधीशन ने उन पर लगाई थीं।

घरत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "आरोपी व्यक्तियों (राणा दंपति) ने अपनी रिहाई के बाद से मीडिया इंटरव्यू दिए हैं जबकि जमानत की शर्तों में इस पर पाबंदी थी। ऐसे में उनकी जमानत की अनुमति देते हुए विशेष अदालत द्वारा लगाई गई शर्त का उन्होंने उल्लंघन किया है। हम जमानत रद्द करने की मांग कर रहे हैं, उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर रहे हैं और वे वे जहां भी हों, उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि 4 मई के जमानत आदेश के अनुसार, दंपति को मामले या चल रही जांच के बारे में मीडिया से बात करने से रोक दिया गया था, जिसमें विफल रहने पर उनकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है।

इस मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश आर एन रोकड़े राणा दंपति को नोटिस जारी किया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख तय की।


इस विषय में शिवसेना के राज्य मंत्री किशोर तिवारी ने कहा कि अभिमानी राणा दंपति कानून का सम्मान नहीं करते हैं और वे जेल लौटने के योग्य हैं। गौरतलब है कि नवनीत राणा अमरावती-यवतमाल से निर्दलीय सांसद हैं, जबकि उनके पति बडनेरा से निर्दलीय विधायक हैं। उन्हें 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री के निजी आवास पर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की चेतावनी देने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन पर देशद्रोह और लोगों के बीच दुश्मनी भड़काने का आरोप लगाया गया है और उन्हें 12 दिनों के बाद जमानत मिलने तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

जेल से बाहर निकलने के बाद नवनीत कौर राणा को लीलावती अस्पताल ले जाया गया और रविवार को इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। जमानत पर रिहा होने के बाद से, दंपति को मीडिया पर ठाकरे, शिवसेना, सांसद संजय राउत और अन्य के खिलाफ बयान देते हुए पाया गयाहै, जो जमानत की शर्तों का कथित रूप से उल्लंघन कर रहे हैं।

इस बीच, राणा दंपति ने जेल में उनके साथ हुए व्यवहार की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को देने के लिए दिल्ली रवाना हुए हैं। दंपति ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से भी मिलने की कोशिश करेंगे। नवनीत कौर राणा ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा, "हम महिलाओं का सम्मान करने वाले सभी नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। ठाकरे को, जिन्होंने बीजेपी की पीठ में छुरा घोंपा था, हमें सिद्धांतों के बारे में नहीं सिखाना चाहिए। हम दिल्ली में लोगों को बताएंगे कि हमें कैसे गिरफ्तार किया गया और जेल में बंद करके हमारे साथ कैसा दुर्व्यवहार किया गया।"

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