ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, ASI सर्वे कराने के इलाहाबाद HC के फैसले को दी चुनौती

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा क‍ि हमें उम्मीद है कि न्याय होगा क्योंकि यह मस्जिद करीब 600 साल पुरानी है और मुसलमान पिछले 600 सालों से वहां नमाज अदा करते आ रहे हैं।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही सर्वे कराए जाने का आदेश दिया है। इस निर्णय के बाद मुस्लिम पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार किया है। मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को ASI सर्वे कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। मुस्लिम पक्ष ने शीर्ष अदालत से इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है।

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा क‍ि हमें उम्मीद है कि न्याय होगा क्योंकि यह मस्जिद करीब 600 साल पुरानी है और मुसलमान पिछले 600 सालों से वहां नमाज अदा करते आ रहे हैं। हम भी चाहते हैं कि देश के सभी पूजा स्थलों पर प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट लागू हो। कोर्ट के आदेश का हम लोग अमल करेंगे।

कोर्ट ने कहा कि उस स्थल पर खुदाई न हो। मुस्लिम पक्ष के सामने एक आप्शन है कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए जिससे कुछ राहत मिल सके।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई का सर्वे को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही ज्ञानवापी परिसर के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सर्वे को हरी झंडी दे दी है।

उच्च न्यायालय ने सर्वेक्षण का आदेश पारित करते हुए कहा कि एएसआई के इस आश्वासन पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि ढांचा क्षतिग्रस्त नहीं होगा, लेकिन उसने साथ ही कहा कि सर्वेक्षण के लिए किसी तरह की खुदाई नहीं का जानी चाहिए।

उच्च न्यायालय ने कहा कि विवादित परिसर के सर्वेक्षण को लेकर जिला अदालत का आदेश उचित है और इस अदालत द्वारा किसी तरह का हस्तक्षेप वांछित नहीं है। उच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने संवाददाताओं को बताया कि उच्च न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि उसके इस निर्णय के साथ जिला अदालत का सर्वेक्षण का आदेश तत्काल प्रभावी हो गया है।

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