मुजफ्फरनगर दंगा: कवाल हत्याकांड के सभी दोषियों को उम्र कैद की सजा, दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया 

मुजफ्फरनगर के कवाल में दंगे के दौरान दो भाइयों की हत्या मामले में स्थानीय कोर्ट ने 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी आरोपियों पर लगा 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

नवजीवन डेस्क

मुजफ्फरनगर दंगा मामले के कवाल हत्‍याकांड में एडीजे कोर्ट ने सभी 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला सत्र न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी आरोपियों पर लगा 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिन दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है उनके नाम मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजल और इकबाल है। बता दें कि कवाल हत्याकांड में आरोपियों की संख्या 8 थी। लेकिन एक आरोपी शाहनवाज की पहले ही मौत हो चुकी है।

इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने 7 आरोपियों को गौरव और सचिन की हत्या का दोषी करार दिया। जिले के सरकारी वकील राजीव शर्मा ने बुधवार को बताया था कि अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ने 27 अगस्त, 2013 को युवकों की हत्या और दंगों के मामले में मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजल और इकबाल को दोषी करार दिया।

बता दें कि 5 साल पहले मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद के बाद गौरव और सचिन नाम के दो युवकों ने गांव के ही शाहनवाज की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद भीड़ ने दोनों को दौड़ाकर पकड़ लिया और पीट-पीटकर मार डाला था। इसके बाद मुजफ्फरनगर में भारी सांप्रदायिक तनाव फैल गया और जिले में महापंचायतों का दौर शुरू हो गया, जिसके बाद एक सप्ताह से ज्यादा दिनों तक जिला भीषण दंगे से जूझता रहा। इस दंगे में 60 से ज्यादा लोगो की मौत हुई और 50 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए।

गौरतलब है कि कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार दंगे के 38 मुकदमे वापस लेने की घोषणा कर चुकी है। इसको राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है। इन मुकदमों में नामजद युवक जाट समुदाय से आते हैं। कवाल के लोग मानते हैं कि ऐसा राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है।

Published: 8 Feb 2019, 5:07 PM
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