'मेरा नाम मोहम्मद दीपक', मुस्लिम बुजुर्ग को बचाने वाले शख्स को सता रहा जान का खतरा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
दीपक का आरोप है कि उन्हें तो थाने में बैठा दिया गया, लेकिन जो लोग प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें हटाने के लिए कुछ नहीं किया गया। दीपक ने कहा कि उन्हें अब अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता हो रही है।`

उत्तराखंड में पौड़ी ज़िले के कोटद्वार में दुकान का नाम बाबा रखने को लेकर शुरू हुआ विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। बीते दिनों एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आए 'मोहम्मद दीपक' के खिलाफ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम को विरोध प्रदर्शन किया।
जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर देहरादून से आए कुछ लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
वहीं दीपक प्रशासन की कार्रवाई से खुश नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा रवैया अपनाने के आरोप लगाए हैं।
दीपक ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा कि यह मामला 26 जनवरी की घटना के बाद से लगातार चला आ रहा था, लेकिन 31 जनवरी के दिन हालात अचानक बिगड़ गए।
दीपक के अनुसार, "देहरादून से बजरंग दल के करीब डेढ़ सौ कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे और सीधे उनके जिम पर आकर नारेबाज़ी और हंगामा शुरू कर दिया।"
उनका कहना है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और उनके परिवार को भी अपशब्द कहे गए।
प्रशासन से नाखुश दीपक ने आगे कहा, "मुझे तो वहां से हटा दिया गया, लेकिन वे लोग चार-पांच घंटे तक लगातार हंगामा करते रहे।"
उनके मुताबिक़, प्रदर्शनकारियों की संख्या इतनी ज़्यादा थी कि स्थानीय लोग उनके समर्थन में खुलकर सामने नहीं आ सके।
दीपक ने दावा किया कि 'बजरंग दल के लोग मारपीट के लिए गाड़ियों में हथियार लेकर पहुंचे थे।'
उनका कहना है कि उन्होंने संभावित टकराव को लेकर पहले ही पुलिस को आगाह कर दिया था क्योंकि बजरंग दल के कुछ लोगों ने इंस्टाग्राम पर इस संबंध में एक संदेश डाला था, जिसका स्क्रीनशॉट कोटद्वार पुलिस को उन्होंने भेजा था।
दीपक का आरोप है कि उन्हें तो थाने में बैठा दिया गया, लेकिन जो लोग प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें हटाने के लिए कुछ नहीं किया गया। दीपक ने कहा कि उन्हें अब अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता हो रही है।`
वहीं पुलिस की तरफ से भी सफाई आई है। पुलिस का कहना है कि शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इलाक़े में दौरा था और इसके कारण पुलिस बल उनकी सुरक्षा में तैनात था लेकिन वहां के बारे में सूचना मिलते ही हालात पर काबू पा लिया गया।
दीपक कश्यप 26 जनवरी को उस समय चर्चा में आए, जब वे कोटद्वार के पटेल रोड पर एक बुज़ुर्ग मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आगे आए थे। दुकानदार से बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकान का नाम बदलने को कह रहे थे।
आरोप था कि दुकान का नाम बाबा रखा गया है। कोटद्वार में सिद्धबली बाबा हनुमान जी का मंदिर है और हिंदुओं के आराध्य देवता हैं। ऐसे में बजरंग दल के युवकों ने बुजुर्ग से दुकान का नाम बदलने को कहा। विवाद बढ़ा तो बीच बचाव करने वहां पर जिम ट्रेनर दीपक आ गया। दीपक ने कोटद्वार बाबा विवाद में बजरंग दल का विरोध किया। दीपक ने बाबा शब्द के इस्तेमाल का विरोध कर रहे लोगों को ऐसा जबाव दिया कि सब चुप हो गए। दीपक का कहना था कि अगर दुकानदार मुस्लिम है तो उसका कसूर क्या है।