नागालैंड चुनावः हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच 82 फीसदी से अधिक मतदान, 183 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद

दशकों पुराने नगा राजनीतिक संकट का समाधान नहीं होना, अलग 'फ्रंटियर नागालैंड' राज्य की मांग, बेरोजगारी, अवैध मादक पदार्थो की तस्करी के अलावा विभिन्न सत्ता-विरोधी कारक इस चुनाव में मुख्य मुद्दा थे।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

नागालैंड विधानसभा चुनाव के लिए आज राज्य के 13.16 लाख मतदाताओं में से 82.42 फीसद से अधिक वोटर्स ने मतदान किया। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 83.85 था और रिटर्निग अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद 2023 में मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि कड़ी सुरक्षा के बीच 60 में से 59 सीटों पर मतदान हुआ। इससे पहले बीजेपी उम्मीदवार कजेतो किनिमी को उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार खेकाशे सुमी द्वारा अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बाद अकुलुतो विधानसभा क्षेत्र से निर्विरोध निर्वाचित किया गया था।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, कुछ जगहों पर पत्थरबाजी और मामूली झड़पों सहित हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर राज्य में मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। अभी तक किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। वोखा जिले के भंडारी विधानसभा क्षेत्र के अकुक गांव में एक प्रत्याशी के समर्थकों ने विरोधी दल के कार्यकर्ताओं पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।

राज्य के 2,291 मतदान केंद्रों में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और शाम 4 बजे खत्म हुआ। , शांतिपूर्ण और सुचारू मतदान के लिए 11,500 कर्मचारी लगाए गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वी. शशांक शेखर ने कहा कि 6,55,144 महिलाओं सहित करीब 13.16 लाख मतदाताओं को चार महिलाओं सहित 183 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करना था। 2018 के विधानसभा चुनावों में पांच महिलाओं सहित 190 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था।


स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 305 कंपनियां भेजी थीं, जबकि राज्य सुरक्षा बलों को भी पर्वतीय राज्य में तैनात किया गया था। राष्ट्रीय और राज्यीय दलों सहित 12 दल मैदान में हैं। सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीपी) चुनावी लड़ाई में मुख्य दावेदार हैं।

2003 तक राज्य पर शासन करने वाली कांग्रेस ने इस बार 23 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि नागा पीपुल्स फ्रंट 22 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। वहीं, आरजेडी, एलजेपी के रामविलास पासवान गुट, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी और एनसीपी सहित 19 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

नागालैंड के मुख्यमंत्री और एनडीपीपी के वरिष्ठ नेता नेफिउ रियो (उत्तरी अंगामी-द्वितीय), उपमुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक दल के नेता यानथुंगो पैटन (त्यूई), पूर्व मुख्यमंत्री तादितुई रंगकौ जेलियांग (पेरेन), नागालैंड इकाई के बीजेपी अध्यक्ष तेमजेन इम्ना अलोंग (अलोंगटाकी), नागालैंड कांग्रेस के अध्यक्ष केवेखापे थेरी (दीमापुर) फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।

दशकों पुराने नगा राजनीतिक संकट का समाधान न होना, अलग 'फ्रंटियर नागालैंड' राज्य की मांग, बेरोजगारी, अवैध मादक पदार्थो की तस्करी के अलावा विभिन्न सत्ता-विरोधी कारक चुनाव में मुख्य मुद्दे थे। नागालैंड में दो मार्च को मेघालय और त्रिपुरा के साथ मतों की गिनती होगी और उसी दिन चुनाव के नतीजे घोषित होंगे।

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