नगरासू गुरुद्वारा विवाद: पुलिस पर निहंगों ने अचानक किया पथराव, सेना ने संभाली कमान, छत से उतरे 2 निहंग, 5 अभी भी डटे
पांच निहंग अभी भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं, उनमें से एक खाना लेने नीचे आया। इस दौरान ऊपर मौजूद चार निहंगों ने अपने साथी को कवर देने के लिए पथराव कर दिया।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद शुरू हुआ तनाव अभी तक थम नहीं सका है। इसी मामले में गिरफ्तार किए गए निहंग श्रद्धालुओं की रिहाई की मांग को लेकर कुछ निहंग गुरुद्वारे में प्रदर्शन कर रहे हैं।
ताजा घटनाक्रम में गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव किया। जानकारी के मुताबिक एक निहंग खाना लेने नीचे उतरा तो कवर देने के लिए दूसरों ने पथराव किया। स्थिति को देखते हुए गुरुद्वारे के बाहर पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
7 निहंगों में दो नीचे उतरे 5 अभी भी छत पर मौजूद
जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे की छत पर चढ़े सात निहंगों में से दो नीचे उतर चुके हैं, जबकि पांच निहंग अब भी छत पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी वहीं से अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। शुरुआती दावों में यह भी कहा गया था कि एक सिख श्रद्धालु को बंधक बनाया गया है, हालांकि प्रशासन ने ऐसे दावों की पुष्टि नहीं की है।
पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ था। हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान तलवार से हमला भी किया गया, जिसके बाद पुलिस ने चार निहंग श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर लिया था। इन्हीं गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर निहंगों का प्रदर्शन जारी है।
सिख श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़ी संख्या में कमरों की मांग की थी
नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह के अनुसार, पंजाब के मोहाली से आए कुछ निहंग शनिवार शाम गुरुद्वारे पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल सिख श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़ी संख्या में कमरों की मांग की। जब गुरुद्वारा प्रबंधन ने इतनी व्यवस्था करने में असमर्थता जताई तो विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर मारपीट की घटना भी हुई।
प्रबंधन का आरोप है कि इसके बाद निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल और छत पर पहुंच गए, प्रवेश मार्ग बंद कर दिया और वहां डेरा जमा लिया। उनके पास भाले, तलवारें, कुल्हाड़ियां और कृपाण जैसे पारंपरिक शस्त्र भी मौजूद हैं।
जिलाधिकारी कर रहे हालात नियंत्रण में होने का दावा
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि गुरुद्वारे के भीतर कुछ लोगों के बीच आपसी विवाद हुआ था, लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया गया है और न ही किसी व्यक्ति को बंधक बनाया गया है। उनके अनुसार गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है तथा हेमकुंड साहिब यात्रा भी शांतिपूर्वक संचालित हो रही है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही हैं।
