चंद्रयान-2: विक्रम लैंडर की खोज में ISRO की मदद करने साथ आया दुनिया का सबसे बड़ा स्पेस रिसर्च सेंटर, भेजा पैगाम

लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए नासा हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। नासा की जेट प्रॉपलशन लैबोरेट्री ने लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी भेजी है। डीप स्पेस नेटवर्क के जरिए नासा इस काम को अंजाम दे रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मिशन चंद्रयान-2 को कामयाब बनाने में इसरो जी जान से जुटा हुआ है। इसरो लगातार लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अब तक लैंडर विक्रम से संपर्क नहीं हो पाया है। लैंडर विक्रम से संपर्क करने की संभावनाओं को उस वक्त और बल मिला जब यह पता चला कि विश्व का सबसे बड़ा स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन नासा भी इस अभियान में इसरो की मदद के लिए सामने आया है। अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के अनुसार, लैंडर विक्रम को नासा मैसेज भेज रहा है।

खबरों के मुताबिक, लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए नासा हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। नासा की जेट प्रॉपलशन लैबोरेट्री ने लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी भेजी है। डीप स्पेस नेटवर्क के जरिए नासा इस काम को अंजाम दे रहा है। नासा लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है, इस बात की पुष्टि अमेरिका के एक एस्ट्रॉनॉट स्कॉट टिले ने भी की है। एस्ट्रॉनॉट स्कॉट टिले के अनुसार, नासा ने कैलिफोर्निया के डीएसएन स्टेशन से लैंडर विक्रम को रेडियो फ्रीक्वेंसी भेजी हैं। इसके साथ ही उन्होंने सिग्नल को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है।

गौरतलब है कि लैंडर विक्रम से संपर्क साधने में जुटा नासा भारत के मिशन चंद्रायान-2 की तारीफ कर चुका है। नासा ने ट्वीट कहा था, “अंतरिक्ष में शोध करना बेहद मुश्किल काम है। हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इसरो के चंद्रयान-2 मिशन को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं।”

शनिवार को इसरो से लैंडर विक्रम का उस वक्त संपर्क टूट गया था, जब संस्थान चंद्रमा पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश में जुटा हुआ था। लैंडर विक्रम से संपर्क टूटे 6 दिन बीत चुके हैं। सबसे बड़ी परेशानी की बात यह है कि वैज्ञानिकों के पास लैंडर विक्रम से संपर्क साधने का सिर्फ 9 दिन का समय बचा है, क्योंकि 9 दिन बाद लूनर नाइट की शुरुआत हो जाएगी। ऐसे में चंद्रमा पर हालात बदल जाएंगे।

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