कोलकाता के डॉक्टरों के समर्थन में डॉक्टर्स की देशव्यापी हड़ताल, जगह-जगह कर रहे हैं प्रदर्शन, मरीज परेशान

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों पर और अस्पतालों में हिंसा से निपटने के लिए व्यापक केंद्रीय कानून की मांग की है। आईएमए के बयान के मुताबिक, हिंसा के दोषियों के लिए कड़े दंड के प्रावधान को केंद्रीय कानून में शामिल किया जाना चाहिए।

फोटो: नितिन
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल के कोलकाता के एनआरएस अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में देश भर में आज डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टर सड़क पर उतरकर जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल आज 7वें दिन भी जारी है। रविवार को डॉक्टरों ने ऐलान किया था कि वे सीएम ममता बनर्जी से बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बंद कमरे में नहीं। डॉक्टरों ने ऐलान किया था कि बैठक में मीडिया को भी जाने की इजाजत मिलनी चाहिए।

डॉक्टरों के देशव्यापी हड़ताल का असर दिल्ली एम्स में भी देखने को मिल रहा है। एनआरएस अस्पताल में डॉक्टर्स के साथ हुई मारपीट के विरोध में दिल्ली एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर रहेंगे। एम्स के डॉक्टर आज दोपहर 12 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि इस दौरान राहत की बात यह है कि एम्स में आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू और लेबर रूम में डॉक्टरों की सेवाएं जारी रहेंगी। ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठेंगे। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो सकती है।


देश भर में हड़ताल के बीच दिल्ली में रेजीडेंट डॉक्टर सड़कों पर निकले हैं और जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं।

हड़ताल का असर राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है। राजस्थान के जयपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं गुजरात में भी डॉक्टर जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। वडोदरा के सर सयाजीराव जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने अस्पताल के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों पर और अस्पतालों में हिंसा से निपटने के लिए व्यापक केंद्रीय कानून की मांग की है। आईएमए के बयान के मुताबिक, हिंसा के दोषियों के लिए कड़े दंड के प्रावधान को केंद्रीय कानून में शामिल किया जाना चाहिए।

डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की ये वजह है:

10 जून करीब साढ़े पांच बजे कोलकाता के नील रत्न सरकार (एनआरएस) मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 साल क बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां दीं। वहीं डॉक्टरों ने कहा कि जब तक परिजन उनसे माफी नहीं मांगते वे प्रमाण पत्र नहीं देंगे। इस बात से गुस्साए लोगों ने मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हमला कर दिय। इस दौरान एनआरएस के दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि कई डॉक्टरों को चोटें आई थीं। तभी से एनआरएस के रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। वहीं एनआरएस कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल इस मामले में अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं।

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Published: 17 Jun 2019, 10:33 AM