दलितों के खिलाफ मुनादी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग ने लिया संज्ञान, यूपी सरकार को नोटिस जारी

वायरल वीडियो में ढोल बजाते हुए कहा जा रहा है कि राजबीर प्रधान की ओर से मुनादी कराई जा रही है कि कोई भी अनुसूचित जाति का व्यक्ति उसकी डोल पर, समाधि पर, ट्यूबवेल पर न दिखे। अगर कोई दिखा तो उस पर 5000 रुपए का जुर्माना लगेगा। इसी के साथ उसे 50 जूते भी लगेंगे।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक गांव में पूर्व प्रधान द्वारा दलितों के खिलाफ खुली मुनादी कराने के मामले का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर दिया है। आयोग ने मुजफ्फरनगर के डीएम और एसएसपी को 15 दिनों के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।

मामले का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसका राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। दरअसल वीडियो में एक युवक ढोल बजाते हुए कह रहा है कि राजबीर प्रधान की ओर से मुनादी कराई जा रही है कि कोई भी अनुसूचित जाति का व्यक्ति उसकी डोल पर, समाधि पर, ट्यूबवेल पर न दिखे। अगर कोई दिखता है तो उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। इसी के साथ उसे 50 जूते भी लगेंगे।


इस मामले पर नोटिस जारी करने की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने कहा कि यह एक अतिनिंदनीय घटना है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी तक क्या कार्रवाई की है? उत्तर प्रदेश डीजीपी और सरकार पूर्ण जानकारी आयोग को जल्द भेजें।

यह बेहद आपत्तिजनक और जातिगत मुनादी मुजफ्फरनगर के पावटी खुर्द के पूर्व प्रधान राजबीर द्वारा गांव में कराई गई थी। राजबीर, कुख्यात गैंगस्टर रहे विक्की त्यागी का पिता है, जिसकी 2015 में हत्या कर दी गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चौतरफा इसकी निंदा शुरू हो गई और योगी सरकार पर सवाल उठने लगे।

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