बिहार चुनाव में विपक्ष को हराने के लिए NDA ने 40,000 करोड़ रुपये खर्च किएः तेजस्वी यादव

तेजस्वी ने कहा कि चुनाव में जनता हार गई और सत्ता तंत्र जीत गया। आपने लोकतंत्र को डर और भय के शासन में बदल दिया है। आपने हमें हराने के लिए 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए। फिलहाल समय आपके साथ हो सकता है लेकिन हमारा समय भी आएगा।

बिहार चुनाव में विपक्ष को हराने के लिए NDA ने 40,000 करोड़ रुपये खर्च किएः तेजस्वी यादव
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नवजीवन डेस्क

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को विधानसभा में दावा किया कि बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए ने 2025 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को हराने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव में जनता हार गई और सत्ता तंत्र जीत गया।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार द्वारा दी गई कथित रियायतों का परोक्ष रूप से जिक्र किया। तेजस्वी ने आरोप लगाया, “चुनाव में जनता हार गई और सत्ता तंत्र जीत गया। आपने लोकतंत्र को डर और भय के शासन (डर तंत्र) में बदल दिया है।”

तेजस्वी यादव को पैर में चोट लगने के कारण कुर्सी पर बैठे-बैठे भाषण देने की अनुमति मिली थी। कुर्सी पर बैठे-बैठे अपने भाषण में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “आपने हमें हराने के लिए 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए। फिलहाल समय आपके साथ हो सकता है लेकिन हमारा समय भी आएगा।”


आरजेडी नेता ने बीजेपी नीत गठबंधन पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप भी लगाया और चुनाव से पहले बिहार में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “चुनाव के तुरंत बाद उत्तराखंड से, जहां आपकी पार्टी की सरकार है, एक नेता ने बिहार की विवाह योग्य लड़कियों को सस्ता बताया। आपकी सोच का यही स्तर है।” उन्होंने यह टिप्पणी उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति द्वारा दिए गए विवादित बयान के संदर्भ में की।

तेजस्वी ने पटना में हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की एक अभ्यर्थी की संदिग्ध यौन उत्पीड़न के बाद हुई मौत के मामले को लेकर भी बिहार सरकार की आलोचना की। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गयी है।

तेजस्वी ने वंचित जातियों के लिए बढ़े हुए आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने में सरकार की कथित विफलता को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू के केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की अहम सहयोगी होने के बावजूद यह मुद्दे लंबित हैं। यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा, “चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार भी बिहार को भूल गई है।”

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