NEET पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट, आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित, 18 नवंबर को आएगा कोर्ट का आदेश
NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। CBI ने 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
CBI ने मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
जांच एजेंसी का दावा है कि NTA के गोपनीय अनुभाग से तीन विषयों के प्रश्न अलग-अलग तरीकों से लीक किए गए।
CBI ने कई राज्यों में छापेमारी कर प्रश्नपत्रों की प्रतियां और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।
NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने के सवाल पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। राऊज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब 18 नवंबर को आदेश सुनाया जाएगा। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में 14 आरोपियों को नामजद किया है और करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
इस मामले में CBI की जांच का मुख्य पहलू यह है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के कार्यालय के गोपनीय अनुभाग से कथित तौर पर जीव विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रश्न बाहर निकाले गए। जांच एजेंसी का दावा है कि तीन विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से प्रश्न लीक किए। एजेंसी के मुताबिक, गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय उनकी तलाशी नहीं ली गई, जिसका फायदा उठाकर वे प्रश्न बाहर ले जाने में सफल रहे।
जुलाई में दाखिल हुई थी CBI की पहली चार्जशीट
राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने 12 अगस्त को CBI की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पेपर लीक मामले की जांच के लिए मई 2026 में केस दर्ज किया था और जुलाई में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। अब अदालत को आरोप तय करने के संबंध में आदेश सुनाना है।
मामले में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं।
जीव विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रश्नों को लेकर क्या दावा?
CBI के मुताबिक, जीव विज्ञान के प्रश्नों से जुड़े दस्तावेज तेजस दभाडे ने 20 और 21 अप्रैल को स्नेहांजलि देशमुख और दिया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से टाइप किए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि ये नोट्स मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय निवृत्ति लोखंडे के जरिए सत्यजीत सोलुंके और तेजस तक पहुंचाए थे।
भौतिकी के प्रश्नों के संबंध में CBI ने दो दस्तावेजों का जिक्र किया है। इनमें से एक कथित तौर पर मनीषा संजय हवालदार की लिखावट में है, जिसमें नौ पन्नों पर 68 प्रश्न दर्ज हैं। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने इसे 25 अप्रैल को व्हाट्सऐप के जरिए सह-आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को भेजा था। CBI ने यह भी दावा किया कि हवालदार ने वही प्रश्न 14 अप्रैल 2026 को तेजस हर्षदकुमार शाह को दिए थे।
रसायन विज्ञान के प्रश्नों से जुड़े दस्तावेजों को लेकर एजेंसी का कहना है कि ज्यादातर दस्तावेज साक्षी धूमल की लिखावट में मिले। वह उन अभ्यर्थियों में शामिल थीं, जिन्होंने पुणे में आरोपी पीवी कुलकर्णी के आवास पर कक्षाएं ली थीं। हालांकि, खतीब मदीहा बेगम से बरामद दस्तावेज कथित तौर पर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की लिखावट में था। CBI के मुताबिक, शिवराज ने यह दस्तावेज अपने बेटे आदित्य के जरिए पीवी कुलकर्णी तक पहुंचाया था।
कई राज्यों में छापेमारी, 42 उपकरण जब्त
CBI ने जांच के दौरान राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में कई जगह तलाशी ली। एजेंसी के मुताबिक, इस दौरान लीक हुए प्रश्नों की भौतिक प्रतियां और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। जांच में कुल 42 उपकरण भी जब्त किए गए, जबकि मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के आवाज के नमूने एकत्र किए गए।
अब मामले में 18 नवंबर की तारीख अहम है। उस दिन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट आरोप तय करने के संबंध में अपना आदेश सुनाएगी। CBI के आरोपों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।
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