नेपाल त्रासदी अपडेट: अचानक आई बाढ़ में मौत का आंकड़ा 939 पहुंचा, जानिए किस जगह से मिले सबसे ज्यादा शव!
नेपाल में आपदा के छठे दिन बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। प्रभावित आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या और शव मिलने के बाद सोमवार को बढ़कर 939 हो गई जबकि 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। आपदा के छठे दिन बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। प्रभावित आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद 26 अगस्त को देश में अचानक बाढ़ आ गई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों व गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और जलविद्युत केंद्रों को भी बहा दिया।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने सोमवार को बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 हो गई है।
जानिए किस जगह से मिले सबसे ज्यादा शव!
एनडीआरआरएमए के अनुसार, चितवन जिले में 279 शव, नवलपरासी ईस्ट में 216, नवलपरासी वेस्ट में 168, नुवाकोट में 95, गोरखा में 65, धादिंग में 55, तनाहुन में 38 और रसुवा में 23 शव बरामद किए गए हैं।
नेपाल बाढ़ पीड़ितों का छलका दर्द
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद चारों तरफ मलबा और तबाही का मंजर है। मलबे के बीच कुछ घर अभी भी खड़े हैं। प्रभावित इलाकों के लोगों ने सोमवार को बताया कि उन्हें बाढ़ आने की चेतावनी तो मिली थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि पानी का स्तर इतना खतरनाक हो जाएगा। लोगों ने तबाही को अकल्पनीय बताया और कहा कि इस आपदा में उन्होंने अपने घर, दुकानें, कारोबार और सारा सामान खो दिया।
एक निवासी ने कहा, "मैंने अपनी जिंदगी के 40 साल यहीं बिताए हैं। बाढ़ आने से पहले हमें जानकारी मिली थी। सरकार की तरफ से हमारे मोबाइल फोन पर मैसेज भेजा गया था और हमें चीन से भी कुछ मैसेज मिले थे। ऊपर की तरफ रहने वाले हमारे दोस्तों ने भी हमें फोन किया था, लेकिन हमें लगा कि हमारा घर नदी से काफी दूर है और पानी यहां तक नहीं पहुंचेगा। हमने कभी नहीं सोचा था कि इतना सारा पानी आएगा और पूरे बाजार को बहा ले जाएगा।"
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