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जानें निर्भया के दोषियों को फांसी देने के बाद पीएम मोदी समेत किसने क्या कहा?

निर्भया गैंगरेप मामले में 7 साल बाद दोषियों को फांसी की सजा दी गई। इसको लेकर पीएम मोदी ने कहा कि न्याय हुआ है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसका अत्यधिक महत्व है। हमें मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

निर्भया को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज इंसाफ मिल गया। साल 2012 में राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे चारो गुनहगारों को फांसी दे दी गई। इस घड़ी पर पीएम मोदी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत जानें किसने क्या कहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “न्याय हुआ है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसका अत्यधिक महत्व है। हमारी नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हमें मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जहां महिला सशक्तीकरण पर ध्यान दिया जाए, जहां समानता और अवसर पर जोर हो।”

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- फांसी का न्यायपालिका, सरकार, सिविल सोसाइटी पर प्रभाव पड़ा है। यह दिखता है कि दोषियों ने फांसी की सजा मिलने के बाद भी 7 साल तक कानून का गलत इस्तेमाल करते रहे।


वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, “न्याय में देरी हुई लेकिन मिल गया। यह लोगों के लिए संदेश है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून सजा जरूर देगा।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने के बाद लोगों से अपील करते हुए कहा, “प्रण लें कि निर्भया जैसा दूसरा मामला ना हो।” केजरीवाल ने कहा, “सात साल बाद, निर्भया के दोषियों को फांसी दी गई। आज एक ऐसा दिन है, जब प्रण लेने की जरूरत है कि अब कोई दूसरी निर्भया न बनें। पुलिस, कोर्ट, राज्य सरकार, केंद्रीय सरकार-सभी यह मिलकर प्रण लें कि हम सिस्टम की खामियों को दूर करेंगे और किसी भी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देंगे।”

वहीं बीजेपी सांसद और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी गौतम गंभीर ने कहा, “हेंग्ड टील डेथ! आखिरकार! हम जानते हैं कि हमने बहुत देरी कर है निर्भया। हैशटैगनिर्भयाजस्टिस।”


वहीं महाराष्ट्र मंत्री नवाब मलिक ने कहा, “7 साल बाद निर्भया को न्याय मिला, जितनी देरी होती है, लोगों को लगता है कि इंसाफ नहीं मिला। जरूरत है कि ऐसे मामले में कानून में बदलाव हो और जल्द से जल्द सजा का प्रबंध किया जाए। महाराष्ट्र में सरकार इस तरह के कानून लाने का विचार कर रही है।”

बता दें कि निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के चारों दोषियों को शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दे दई गई। फांसी से पहले निर्भया के दोषी तिहाड़ जेल में क्या कर रहे थे? उनकी आखिरी अच्छा क्या थी? उन्होंने रात में क्या खाना खाया? इसा बारे में जेल के अधिकारी ने जानकारी दी है। फांसी से पहले निर्भया के दोषियों ने आखिरी इच्छा जाहिर नहीं की। इस बात की जानकारी तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दी है।

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