‘पिछड़े’ राज्यों पर बयान देकर फंसे नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, विरोध के बाद दी गोल-मोल सफाई

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में व्याख्यान के दौरान कांत ने कहा था कि सामाजिक मापदंडों के आधार पर बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य भारत को पिछड़ा बना रहे हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बिहार और दूसरे राज्यों के बारे में दिए गए बयान पर विवाद होने के बाद नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सफाई देते हुए कहा कि उनके वक्तव्यों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है।

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में अब्दुल गफ्फार खान मेमोरियल व्याख्यान के दौरान कांत ने कहा था कि सामाजिक मापदंडों के आधार पर बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य भारत को पिछड़ा बना रहे हैं।

कांत के इस बयान को लेकर आरजेडी सांसद मनोज झा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा और कहा कि कांत द्वारा किए गए बिहार और बिहारियों के अपमान से वे काफी दुखी हैं।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर कांत के बयान का विरोध किया था।

कांत ने अब अपनी सफाई में कहा है कि भारत और कुछ पूर्वी राज्यों ने व्यवसाय करने की सुगमता सूचकांक के संबंध में प्रभावशाली काम किया है। हमें इसे मानव विकास सूचकांक के मामले में भी दोहराने की जरूरत है। भारत के कई जिले पहले से चली आ रही समस्याओं की वजह से मानव विकास संकेतकों की दृष्टि के अभी भी पिछड़े हुए हैं। सरकार के 'आकांक्षी जिला कार्यक्रम' का लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान केंद्रित कर इनकी स्थिति को सुधारना है।

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