बैंक घोटालाः नीरव मोदी को पीएनबी का खत, ‘नहीं होगा कोई सेटलमेंट, लौटाएं पूरा पैसा’

हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में पंजाब नैशनल बैंक ने नीरव मोदी के साथ किसी भी तरह का सेटलमेंट करने से इंकार किया है। पीएनबी ने मोदी को भेजे खत में बैंक का पूरा पैसा जल्द भरने के लिए कहा है।

By नवजीवन डेस्क

देश में बैंकिंग सेक्टर के सबसे बड़े घोटाले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने नीरव मोदी को एक खत लिखा है। पीएनबी ने अपने इस खत में आरोपी नीरव मोदी से किसी भी तरह का कोई सेटलमेंट करने से इंकार किया है और उन्हें जल्द ही पूरा पैसा भरने के लिए कहा है। अपने खत में बैंक ने नीरव मोदी द्वारा ब्रैंड का नाम खराब करने के आरोपों को भी खारिज कर दिया है। बैंक ने नीरव मोदी को लिखे खत में कहा है, हमारे पैसों से खड़ा हुआ था आपका ब्रांड। और आपके गैरकानूनी कामों और धोखाधड़ी की वजह से ब्रांड का नाम खराब हुआ है।

पीएनबी महाप्रबंधक अश्विनी वत्स की ओर से नीरव मोदी को भेजे गए जवाब में कहा गया है, “आपको फ्रॉड किए गए पैसों की पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद आपने कुछ रासि ही वापस करने की बात की है। हाल में आपने कुछ रकम वापस करने का जो प्रस्ताव बैंक को दिया था, वह पूरी तरह से अस्पष्ट है और उससे साफ जाहीर होता है कि आप जानबूझकर अपने लिए समय निकालने के लिए इसे लटकाए रखना चाहते हैं। आपके प्रस्ताव में वास्तविकता और विश्वसनीयता भी नहीं है।”

खबरों के मुताबिक, नीरव मोदी ने 26 फरवरी को पंजाब नेशनल बैंक को बैंक को एक ईमेल भेजकर सेटलमेंट का ऑफर दिया था। मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव में 2 हजार करोड़ के आभूषण, 50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और 200 करोड़ रुपए के करेंट अकाउंट डिपॉजिट के जरिए मामले का सेटलमेंट करने का ऑफर दिया गया था।
ईमेल में मोदी ने पीएनबी से कहा था कि वह उनकी कंपनी के मैनेजमेंट को टेक ओवर करे। लेकिन बैंक ने ऐसा करने से साफ इंकार करते हुए कहा था कि यह आपकी दिक्कत है, बैंक की नहीं।

बैंक ने अपने जवाब में नीरव मोदी को साफ संदेश देते हुए लिखा है कि पिछले कुछ सालों में जिस तरह फर्जी एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के जरिए बैंक को चूना लगाया गया और उस राशि के दम पर कारोबार खड़ा किया गया, उसके बाद ये उम्मीद करना कि बैंक कानून का सहारा नहीं लेगी, बिल्कुल गलत है।

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