देश में एनआरसी लागू करने पर अभी नहीं हुआ है कोई फैसला- संसदीय समिति को दिया गृह मंत्रालय ने जवाब

देश में फिलहाल एनआरसी लागू करने पर कोई फैसला नही हुआ है। यह बात गृह मंत्रालय ने संसदीय समिति द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब में कही है। इससे पहले पिछले साल भी केंद्र सरकार लोकसभा में लिखित तौर पर कह चुकी है कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है।

फोटो : Getty Images
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नवजीवन डेस्क

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने अभी तक देशव्यापी एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) को लागू करने का फैसला नहीं किया है। गृह मंत्रालय ने यह बात गृह मंत्रालय की संसदीय समिति के सदस्य कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में कही है।

द वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय समिति ने मंत्रालय से यह कहते हुए सवाल पूछा था कि एनपीआर और जनगणना को लेकर पहले ही काफी संशय और आक्रोश देखा जा रहा है खासतौर से जबसे सरकार ने यह संकेत दिए है कि केंद्र सरकार जल्द ही एनआरसी लागू करेगी।

इसके जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा कि, “जनगणना के दौरान किसी भी भी निजी स्तरीय सूचनाएं गुप्त रहती हैं। जनगणना में सिर्फ संकलित आंकड़े ही विभिन्न प्रशासनिक स्तर पर जारी किए जाते हैं। पहले की ही तरह इस बार भी जनगणना को लेकर लोगों में जागरुकता पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा ताकि 2021 की जनगणना सफलतापूर्वक पूरी हो सके। जनगणना के लिए प्रश्नावली का एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) के साथ देशभर में सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया गया है। सरकार के विभिन्न स्तरों पर समय-समय पर यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि फिलहा एनआरसी लागू करने पर कोई फैसला नहीं हुआ है।”

ध्यान रहे कि गृह मंत्रालय ने 4 फरवरी, 2020 को लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब मे कहा था कि सरकार ने अभी तक एनआरसी तैयार करने की शुरुआत का कोई फैसला नहीं लिया है।

तब लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। उन्होंने लिखित जवाब में कहा था, “अभी तक भारतीय नागरिकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकता रजिस्टर तैयार करने का कोई फैसला नहीं हुआ है।” उन्होंने यह जवाब सांसद चंदन सिंह और नागेश्वर राव के सवाल के जवाब में कही थी।


गौरतलब है कि 17 जुलाई 2019 को गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा था कि केंद्र सरकार गैरकानूनी तौर पर भारत के किसी भी हिस्से में रह रहे लोगों की पहचान करेगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक देशनिकाला देगी। अमित शाह ने यह बात समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान के उस सवाल के जवाब में कही थी जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार असम के अलावा अन्य राज्यों में भी एनआरसी लागू करने वाली है।

इसके जवाब में अमित शाह ने कहा था, “यह एक अच्छा सवाल है। एनआरसी असम समझौते का हिस्सा है और बीजेपी के घोषणापत्र में भी था जिसके आधार पर वहां बीजेपी की सरकार बनी है। सरकार सभी गैरकानूनी लोगों को पहचान करेगी और उन्हें देश के हर हिस्से से बाहर निकालेगी।”

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