राजधानी दिल्ली में नहीं थम रहा डेंगू का कहर, अब तक 7000 से अधिक केस दर्ज, सिर्फ एक हफ्ते में 1851 मरीज मिले

दिल्ली नगर निगम की सोमवार को आई रिपोर्ट में सामने आया कि नवंबर महीने की 20 तारीख तक ही डेंगू के 5591 केस सामने आए हैं, वहीं इस वर्ष डेंगू से अब तक 9 मौतें दर्ज हुई हैं। हालांकि दिल्ली में डेंगू से मौत में रुकावट तो आई है लेकिन केस थमने का नाम नहीं ले रहे।

सांकेतिक फोटो
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नवजीवन डेस्क

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अब तक डेंगू के 7128 मामलों की पुष्टि हुई है। वहीं एक सप्ताह में 1851 डेंगू के मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा इस साल अब तक मलेरिया के 167 केस और चिकनगुनिया के 89 मामले सामने आए हैं।

यदि पिछले वर्षों के डेंगू के आंकड़ों की बात की जाए तो वर्ष 2020 में कुल 1072 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2019 में 2036, 2018 में 2798, 2017 में 4726 और 2016 में 4431 मामलों की पुष्टि हुई थी। पिछले वर्षों के इन आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इन सालों के मुकाबले इस बार सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।

वहीं दूसरी ओर यदि मलेरिया और चिकनगुनिया के पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 2019 में 713 मलेरिया के मामले दर्ज किए गए थे, जो की बीते कुछ सालों में सबसे अधिक है। चिकनगुनिया के 2016 में 7760 मामले दर्ज किए गए थे जिसके बाद से मामलों में गिरावट आती रही है।

नगर निगम की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में सामने आया है कि, नवंबर महीने की 20 तारीख तक ही अकेले 5591 डेंगू के मामले सामने आए तो वहीं इस वर्ष डेंगू से अब तक 9 मौतें दर्ज की गई हैं। दिल्ली में हालांकि डेंगू से दर्ज हो रही मृत्यु में रुकावट तो आई है लेकिन मामले थमने का नाम नहीं ले रहें हैं। यदि हम पिछले कुछ वर्षों में बात करें तो 2016 और 2017 में डेंगू के कारण 10-10 मौतें हुई थीं। वहीं 2018, 2019 और 2020 में 4, 2 और 1 मौत हुईं और इस साल अब तक 9 मृत्यु दर्ज हुई हैं।


रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी निगम में अब तक कुल 2056 मामले सामने आए हैं, वहीं उत्तरी निगम क्षेत्र में 2116 और पूर्वी निगम क्षेत्र में 739 मरीजों के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में 65, दिल्ली कैंट में 111 मरीज तो वहीं 2026 मरीजों के पते की पुष्टि नहीं हो सकी है। दिल्ली सरकार और नगर निगम लगातार डेंगू के मामलों पर रोकथाम के दावे कर रहें हैं, लेकिन फिलहाल अभी तक इसका कोई नतीजा सामने नहीं आ सका है।

डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पानी में पैदा होते हैं, जबकि मलेरिया के मच्छर गंदे पानी में भी पनपते हैं। डेंगू व चिकनगुनिया के मच्छर ज्यादा दूर तक नहीं जाते हैं। हालांकि जमा पानी के 50 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी हो सकती है। डेंगू बुखार आने पर सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है, वहीं आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, कमजोरी, भूख न लगना, गले में दर्द भी होता है। दरअसल डेंगू से संक्रमित होने पर प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है, जिससे जान पर खतरा आ जाता है।

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