यूपी में फिर गूंजेगा DJ का शोर, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को पलटा

उत्तर प्रदेश में डीजे बजाने पर लगी रोक को आज सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है। साल 2019 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डीजे को शोर की वजह बताते हुए प्रतिबंधित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि जिस याचिका पर आदेश जारी हुआ उसमें ऐसी कोई मांग नहीं की गई थी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश में अब फिर से डीजे बज सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को प्रदेश में डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया है। साल 2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि डीजे से ध्वनि प्रदूषण होता है और यह परेशान करने वाला होता है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को पलटते हुए कहा कि एक निजी पक्ष द्वारा दायर याचिका पर इस तरह का सामान्य आदेश पारित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने प्रभवित पक्ष को बिना सुने ही आदेश पारित कर दिया।


मामले की सुनवाई के दौरान इस कारोबार से जुड़े लोगों की ओर से पेश वकील दुष्यंत पराशर ने कहा कि डीजे कलाकार विवाह समारोह, जन्मदिन पार्टी और खुशी के अन्य मौकों पर अपनी सेवाएं देकर रोजी-रोटी चलाते हैं। हाईकोर्ट के आदेश से उनकी आजीविका पर संकट पैदा हो गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि प्रतिबंध उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

वहीं शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका में डीजे को लेकर इस तरह का आदेश पारित करने की मांग भी नहीं की गई थी। बावजूद इसके हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता है।

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