कोरोना वायरस को हराने के लिए अब तीसरी डोज देने की तैयारी, स्वास्थ्यकर्मियों को लगेंगे बूस्टर डोज

मेडिकल जर्नल नेचर में प्रकाशित कई देशों के वैज्ञानिकों के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना टीका लेने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारी डेल्टा वैरिएंट के चलते संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस बीच कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीके की बूस्टर डोज लगाने पर विचार चल रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही अंतिम निर्णय लेगी।

मेडिकल जर्नल नेचर में प्रकाशित कई देशों के वैज्ञानिकों के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना टीका लेने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारी डेल्टा वैरिएंट के चलते संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अध्ययन में शामिल रहे नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि इस स्थिति के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों की संभावित कमी को रोकने के लिए उन्हें जल्द से जल्द बूस्टर डोज देना जरूरी है।

टीकाकरण को लेकर गठित राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समिति के एक सदस्य ने भी बताया कि कोविशील्ड और कोवाक्सिन की बूस्टर डोज पर चर्चा चल रही है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीकाकरण के छह महीने बाद बूस्टर डोज देने का निर्णय हो सकता है।

दूसरी ओर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में अब तक कोविड-19 के लिए कुल 53,31,89,348 नमूनों का टेस्ट किया गया है, जिनमें से पिछले 24 घंटों में 15,26,056 नमूनों का टेस्ट किया गया है।

वहीं, पिछले 24 घंटों में कोविड टीकों की कुल 1,13,53,571 खुराकें दी गईं, जिससे देश में मंगलवार सुबह तक कुल टीकाकरण की कुल संख्या 69,90,62,776 हो गई है।

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