परमाणु स्थल का निरीक्षण अंतिम समझौते के बाद ही होगा, ईरान ने IAEA प्रमुख की टिप्पणी पर दिया दो टूक जवाब
इससे पहले टोक्यो में एक पत्रकार वार्ता के दौरान आईएईए प्रमुख ग्रोसी ने कहा कि ईरान के परमाणु स्थलों का निरीक्षण होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आज हो, परसों हो, एक हफ्ते या दस दिनों में हो, यह महत्वपूर्ण है, लेकिन अनिवार्य नहीं। यह निश्चित रूप से होगा।

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख की उस टिप्पणी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने परमाणु स्थल के निरीक्षण की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे निरीक्षण केवल अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता होने के बाद ही संभव होंगे। गरीबाबादी जापान में आईएईए के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी की ओर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
ईरान के उप विदेश मंत्री ने पोस्ट किया, ‘‘ग्रोसी के अनुरोध के बावजूद स्विट्जरलैंड में उनके साथ कोई बैठक नहीं हुई। जिन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया था या वहां मौजूद परमाणु सामग्री तक पहुंच देने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन मुद्दों की समीक्षा और उन पर निर्णय केवल अंतिम समझौते के ढांचे के भीतर ही किया जाएगा। साथ ही, यह तभी संभव होगा जब दूसरी ओर से सभी प्रतिबंधों और अन्य दंडात्मक उपायों को समाप्त करने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक कदम उठाए जाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप मीडिया के शोर-शराबे के जरिए 'उकसाने और कब्ज़ा करने' की नीति को आगे नहीं बढ़ा सकते।’
दरअसल इससे पहले टोक्यो में एक पत्रकार वार्ता के दौरान आईएईए प्रमुख ग्रोसी ने कहा कि ईरान के परमाणु स्थलों का निरीक्षण होकर रहेगा। उन्होंने कहा, “यह आज हो, परसों हो, एक हफ्ते या दस दिनों में हो, यह महत्वपूर्ण है, लेकिन अनिवार्य नहीं। यह निश्चित रूप से होगा।” वहीं इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों को फिर से देश में आमंत्रित करने पर सहमति जताई है।
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वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान की ग्रोसी के साथ कोई बैठक नहीं हुई है और निरीक्षण के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा भी तय नहीं है। जून 2025 में हुए संघर्ष के बाद से, तेहरान ने आईएईए को उन संवर्धन स्थलों का निरीक्षण करने से रोक रखा था, जहां माना जाता है कि इस्लामिक गणराज्य ने इतना उच्च स्तर का समृद्ध यूरेनियम जमा कर रखा है कि यदि वह चाहे तो लगभग 10 परमाणु हथियार बना सकता है। हालांकि, ईरान लंबे समय से यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।
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