न्यूजीलैंड की पीएम ने माना- हाईकमीशन को थी ऑक्सीजन की जरूरत और यूथ कांग्रेस ने सही किया, लेकिन और भी तरीका हो सकता था

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेर्न ने माना है कि यूथ कांग्रेस ने हाईकमीशन को ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाकर सही किया क्योंकि इसकी जरूरत थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोई तरीका भी अपनाया जा सकता था।

फोटो : Getty Images
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नवजीवन डेस्क

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री ने माना है कि भारत में न्यूजीलैंड हाईकमीशन ने ऑक्सीजन के लिए मदद मांगी थी क्योंकि एक स्टाफ की हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने मदद करके बिल्कुल सही किया, लेकिन हाईकमीशन को सार्वजनिक तौर पर ऐसा करने के बजाए डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए मदद मांगनी चाहिए थी।

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेर्न ने कहा कि, "हां एक मैसेज भेजा गया था और फिर हाईकमीशन ने ट्विटर पर ऑक्सीजन सिलेंडर मांगने के लिए माफी भी मांगी थी। उनके पास और भी विकल्प थे जिसका उन्हें इस्तेमाल करना चाहिए था। लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि हाईकमीशन में एक स्थानीय स्टाफ मेंबर था जिसकी तबीयत खराब थी और इसी आधार पर संदेश भेजा गया था।"

जेसिका आर्डेर्न ने कहा कि न्यूजीलैंड हाईकमीशन को सिलेंडर भेजने का फैसला यूथ कांग्रेस का था क्योंकि हाईकमीशन की तरफ से उन्हें डायेक्ट मैसेज दिया गया था। उन्होंने कहा, "हाईकमीशन ने खुद माना है कि इसकी जगह एक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए था। लेकिन मैं बता चुकी हूं कि ऐसा करने के पीछे वजह थी।" उन्होंने आगे कहा कि हाईकमीशन को भारत सरकार की पूरी मदद मिलती रही है।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड हाईकमीशन और फिलीपींस दूतावास ने सार्वजनिक तौर पर सोशल मीडिया के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग की थी और उन्होंने अपने ट्वीट में युवा कांग्रेस अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास को टैग किया था। इसके जवाब में श्रीनिवास अपने वॉलंटियर्स के साथ दोनों जगह पहुंचे थे और ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराए थे।

इस घटना के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के बीच ट्विटर युद्ध शुरु हो गया था। जयराम ने अपने ट्वीट में न्यूजलैंड हाईकमीशन को सिलेंडर देते हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मदद कर रहे हैं जबकि विदेश मंत्रालय सो रहा है।इस

इसके बाद न्यूजीलैंड हाईकमीशन ने मदद मांगने वाला अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था और एक नया ट्वीट करते हुए माफी मांगी थी कि उन्होंने गलती से यह ट्वीट कर दिया था।

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