ओडिशा में बाढ़ का कहर जारी, महानदी उफान पर, तटबंध टूटने से बिगड़े हालात, 6 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

ओडिशा में बाढ़ के हालात गंभीर बने हुए हैं। महानदी का जलस्तर बढ़ रहा है, 1.65 लाख लोगों को रेस्क्यू किया गया है और 6 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के चार उत्तरी जिलों में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं, जबकि महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पूरे हालात पर नजर बनाए रखी है और अब तक 1.65 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बाढ़ से छह लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि उत्तर ओडिशा की कुछ नदियों का जलस्तर घटना शुरू हुआ है, लेकिन वे अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लगातार बारिश के कारण रातभर कई नए इलाके भी पानी में डूब गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।

4 जिलों में सबसे ज्यादा असर, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद

गहरे निम्न वायु दाब क्षेत्र के प्रभाव से हुई लगातार बारिश के कारण बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी और मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।

जाजपुर के जिलाधिकारी अंबर कुमार कर ने बताया कि दशरथपुर प्रखंड के पाटना क्षेत्र के पास बैतरणी नदी की सहायक कानी नदी के तटबंध में दो जगह दरार आने से हालात और बिगड़ गए। तटबंध टूटने के बाद कई गांव चारों ओर से पानी से घिर गए और नए इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया, जिससे तीन प्रखंडों के लोगों पर गंभीर असर पड़ा है।


महानदी का बढ़ता जलस्तर बना नई चिंता

बाढ़ के बीच अब महानदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद नदी किनारे बसे जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, तेल, इब और जीरा नदियों का बाढ़ का पानी भी महानदी में मिल रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

हीराकुंड बांध में जलस्तर 620 फुट दर्ज किया गया है, जबकि इसकी पूर्ण क्षमता 630 फुट है। बांध में 3,31,063 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और दो फाटकों के जरिए 64,109 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यदि जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो बांध के अतिरिक्त फाटक भी खोलने पड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से की अपील, मौसम विभाग ने दिया अपडेट

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि गुरुवार सुबह छह बजे कटक के पास मुंडली में करीब आठ लाख क्यूसेक पानी बह रहा था, जो शाम तक बढ़कर नौ लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। इससे महानदी तंत्र में मध्यम स्तर की बाढ़ आने की आशंका है।

दिल्ली दौरे पर गए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वहीं, भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि गुरुवार को राज्य में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि, कई जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश जारी रह सकती है।  

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