पीएम केयर्स फंड से 1,000 करोड़ रुपये प्रवासी मजदूरों को आवंटित होने पर चिदंबरम बोले- हाथ में कुछ नहीं आने वाला

कोरोना संकट को लेकर बनाए गए पीएम केअर्स फंड से 1000 करोड़ रुपये प्रवासी मजदूरों पर खर्च किए जाएंगे। इसको लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कृपया सामान्य गलती न करें। यह पैसा सीधे मजदूरों के हाथों में नहीं जाएगा, बल्कि राज्यों को जाएगा। ऐसे में कैसे घर चलाएंगे मजदूर?

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 करोड़ रुपये की घोषणा किए जाने के अगले दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि पैसा सीधे राज्य सरकारों को जाएगा, न कि प्रवासियों के हाथों में जाएगा।

पूर्व वित्तमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “पीएम केयर्स ने प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। कृपया सामान्य गलती न करें। यह पैसा प्रवासी कामगारों को नहीं, बल्कि राज्य सरकारों को प्रवासी कामगारों के लिए यात्रा, आश्रय, चिकित्सा और भोजन पर खर्चो को पूरा करने के लिए दिया जाएगा, लेकिन प्रवासी कामगारों के हाथ में कुछ भी नहीं जाएगा।”


उन्होंने आगे कहा, “प्रवासी श्रमिकों के हाथों में कुछ नहीं जाएगा। आइए एक प्रवासी मजदूर को लें, जो सभी बाधाओं को पार कर अपने गांव लौट आया है। गांव में नौकरियां नहीं हैं। उसके पास कोई काम नहीं है और न ही कोई आमदनी है। वह कैसे अपना जीवन निर्वाह और परिवार का भरण पोषण करेगा”

गौरतलब है कि पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट ने बुधवार को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए 3,100 करोड़ रूपये आवंटित करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीएम केयर्स फंड से आवंटित किये गये 3,100 करोड़ रूपये मंर से करीब 2000 करोड़ रूपये वेंटिलेटर की खरीद और 1000 करोड़ रूपये प्रवासी मजदूरों के लिए निर्धारित किये गये हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस उन प्रवासी मजदूरों के लिए पैकेज की मांग करती रही है। ये मजदूर देश के विभिन्न राज्यों से अपने गांव जाने के लिए सैकड़ों, हजारों किलोमीटर पैदल ही निकले पड़े हैं।

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(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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