बसंत पंचमी पर गंगा-संगम में आस्था का सैलाब, 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि चूंकि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का वास है, इसलिए यहां बसंत पंचमी स्नान का विशेष महत्व है।

फोटो: सोशल मीडिया
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पीटीआई (भाषा)

प्रयागराज में जारी माघ मेले में शुक्रवार को बसंत पंचमी स्नान पर्व पर दोपहर 12 बजे तक 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई।

प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि कल रात 12 बजे से ही लोगों का संगम क्षेत्र में आगमन और स्नान जारी है और आज बसंत पंचमी पर दोपहर 12 बजे तक 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब मौजूद है। कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन पर नजर रखी जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरे क्रियाशील हैं।

उन्होंने कहा कि साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों की भी निगरानी की जा रही है। सभी जगहों पर पुलिस प्रशासन के कर्मचारी अधिकारी तैनात हैं।


तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि चूंकि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का वास है, इसलिए यहां बसंत पंचमी स्नान का विशेष महत्व है। बसंत पंचमी पर पीला वस्त्र धारण करने, पीली वस्तुओं का दान करने का विधान है।

उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन से ही ऋतु परिवर्तन का एहसास जनमानस को होने लगता है और लोग गुलाल आदि लगाकर इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं।

उन्होंने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान और योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं।

श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।


पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।

उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग तैयार की गई हैं जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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