'E20 की व्यवस्था से सिर्फ एथनॉल उत्पादकों को फायदा', कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि मार्च 2025 से देश के अधिकांश सामान्य पेट्रोल पंपों पर प्रभावी रूप से केवल ई20 पेट्रोल की ही आपूर्ति की जा रही है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (फाइल फोटो - Getty Images)
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कांग्रेस ने बुधवार को पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण (ई20) की व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि इस व्यवस्था से आम और मध्यम वर्ग के लोगों के पास ईंधन का विकल्प लगभग खत्म हो गया है, जबकि इसका सबसे अधिक फायदा एथनॉल उत्पादकों को मिला है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि मार्च 2025 से देश के अधिकांश सामान्य पेट्रोल पंपों पर प्रभावी रूप से केवल ई20 पेट्रोल की ही आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने पहले दावा किया था कि एथनॉल मिश्रण से डीजल की कीमत 50 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल का विकल्प 55 रुपये प्रति लीटर तक उपलब्ध हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

जयराम रमेश ने एक स्वतंत्र विश्लेषण का हवाला देते हुए दावा किया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच एथनॉल मिश्रित ईंधन से कम माइलेज मिलने के कारण उपभोक्ताओं पर सामूहिक रूप से करीब 88,234 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ता अब पहले मिलने वाले सामान्य पेट्रोल की तुलना में ई20 पेट्रोल के लिए अधिक कीमत चुका रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार चाहती तो ई20 पेट्रोल की खुदरा कीमत कम कर कम माइलेज से होने वाले नुकसान की भरपाई कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

रमेश ने यह भी दावा किया कि नीति आयोग के एथनॉल रोडमैप में ई10 और ई20 ईंधन पर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कर और वित्तीय प्रोत्साहन देने की सिफारिश की गई थी। इसके विपरीत, केंद्र सरकार ने एथनॉल उत्पादकों के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मंजूर कर दी, जिससे इस योजना का लाभ उपभोक्ताओं के बजाय उद्योग जगत को मिला।

(PTI के इनपुट के साथ)

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