CBSE अधिकारियों के तबादले पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, 'अधिकारियों को हटाया, धर्मेंद्र प्रधान को बचाया'

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को हटा दिया गया और मंत्री को बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही नहीं, बल्कि यह यह मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है।

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद मंगलवार को कहा कि यह मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है क्योंकि अधिकारियों को हटा दिया गया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचा लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जांच हो।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, "सीबीएसई चेयरमैन का तबादला, सीबीएसई सचिव का तबादला, एक-सदस्यीय “जाँच” समिति गठित। और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान सुरक्षित।"

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को हटा दिया गया और मंत्री को बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही नहीं, बल्कि यह यह मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है।

राहुल गांधी ने कहा, "हमारी मांग आज भी वही है कि शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जांच हो। ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।" उनका कहना है कि अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख सीबीएसई छात्रों की परवाह होती, धर्मेंद्र प्रधान कब के हटाए जा चुके होते।


वहीं जयराम रमेश ने कहा कि सीबीएसई के चेयरमैन और सेक्रेटरी का तबादला कर दिया गया है। न्याय की मांग है कि मंत्री प्रधान को बर्खास्त किया जाए। सीबीएसई नेतृत्व की इस अचानक विदाई और सीबीएसई के On Screen Marking (OSM) सिस्टम की procurement प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग के गठन से यह साबित होता है कि अनियमितताएं हुई थीं। यह Gen Z छात्रों की सूझबूझ और स्किल का प्रमाण है, जिन्होंने इस स्कैंडल को ऑनलाइन एक्सपोज किया और आज दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सामने भी अपना पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि आज की कार्रवाई, जिसे स्पष्ट रूप से शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की सीबीएसई बोर्ड के साथ बैठक के बाद समयबद्ध तरीके से किया गया, राजनीतिक नेतृत्व के बजाय नौकरशाहों पर जवाबदेही तय कर ध्यान भटकाने की कोशिश है। यह याद रखा जाना चाहिए कि सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह को नवंबर 2025 में ही कैबिनेट कमेटी ऑन अपॉइंटमेंट्स द्वारा दो वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। मंत्री प्रधान एक बेहद भ्रष्ट, अक्षम और नाकाबिल इकोसिस्टम की अगुवाई कर रहे हैं, जिसने लाखों युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ किया है। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।


कांग्रेस ने एक्स पर लिखा कि सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को हटाने की खबर आ रही है। मोदी सरकार पूरी तरह से आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। CBSE में हुई गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय की है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इसके लिए जिम्मेदार हैं।

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