जंतर-मंतर जा रहे विपक्षी सांसदों को रोका गया, राहुल-प्रियंका समेत सभी को घसीटकर हिरासत में लिया गया
सड़क पर धरने के दौरान अचानक पुलिस वालों की भीड़ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को धक्का दिया और घसीटकर खींचने लगे। इस दौरान राहुल गांधी वहीं गिर गए। इसके बाद चारों ओर से पुलिस वालों ने उन्हें जबरन घसीटते हुए उठाकर बस में ले जाकर डाल दिया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने बीच में ही जबरन रोक दिया। इसके विरोध में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई में कई सांसद और नेता वहीं सड़क पर बैठ गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों को जबरन घसीटकर हिरासत में ले लिया और एक ट्रैवलर में बिठाकर वहां से रवाना कर दिया।
सड़क पर धरने के दौरान अचानक पुलिस वालों की भीड़ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को धक्का दिया और घसीटकर खींचने लगे। इस दौरान राहुल गांधी वहीं गिर गए। इसके बाद चारों ओर से पुलिस वालों ने उन्हें जबरन घसीटते हुए उठाकर बस में ले जाकर डाल दिया। राहुल गांधी को हिरासत में लिये जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैवलर की छत चढ़ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। मौके पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच काफी देर तक नारेबाजी होती रही।
इसके बाद बारी आई महिला सांसदों के साथ विरोध में सड़क पर लेटीं प्रियंका गांधी की। दिल्ली पुलिस की महिला जवानों ने एक-एक कर महिला सांसदों को जबरन घसीटते और खींचते हुए उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद पुलिस ने हाथ में संविधान लेकर लेटी हुई प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी शुरू की। उनको चारों ओर से पुलिस ने घेरकर शरीर के हर जगह खरोंचते हुए वहां से जबरन उठाया और बस में डाल दिया।
पुलिस की बदसलूकी के दौरान प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा कि वे सांसदों के साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं जो सिर्फ इलेक्शन कमिश्नर से मिलने के लिए कह रहे हैं। वे हमारे साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं। वे सांसदों को पीट रहे हैं। पुलिसवालों ने मुझे पूरी तरह से खरोंच दिया है। उन्होंने हमें ज़मीन पर गिरा दिया है। अब, हम यहां से नहीं हिलेंगे। उन्हें अपनी सेना वापस लाने दो। मैं यहां से नहीं हिलूंगी।"
इससे पहले जैसे ही विपक्षी सांसदों की बसों का काफिला जंतर-मंतर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पहुंचा तो भारी पुलिस बल ने बसों को चारों ओर से घेरकर उन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सभी सांसदों के साथ पैदल ही जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे। लेकिन भारी संख्या में चारों ओर से पुलिस बल ने घेरा बनाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सभी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने बर्बर तरीके से राहुल, प्रियंका समेत सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया।
जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिये गये दोपहर के भोज में शामिल होने के बाद विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहते थे। खड़गे ने कहा कि निर्वाचन आयोग जो भी कर रहा है, उसके पीछे नरेंद्र मोदी हैं। इसका मतलब है कि मोदी जी खुद लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर देश की जनता को यह बताना चाहते हैं कि उसके अधिकार छीने जा रहे हैं।
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद बुधवार को चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। करीब 300 सांसद कल निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन वे हमसे नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने हमें रोका और कहा कि यहां प्रदर्शन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि इसलिए अब विपक्षी सांसद प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल जंतर-मंतर जाकर बैठेंगे और देश को बताएंगे कि ज्ञानेश कुमार ‘‘देश के वैध मुख्य निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं।’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को खत्म किया है। उन्होंने कहा कि ‘‘इन पर कार्रवाई होगी’’ और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज किए गए एफआईआर पर भी कहा कि ये एफआईआर उनके लिए मेडल की तरह हैं।
विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर जाने के कार्यक्रम को मंगलवार के घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था, लेकिन पुलिस ने संसद मार्ग के पास बैरिकेड लगाकर मार्च रोक दिया था। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना दिया था।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कम से कम 260 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें ‘इंडिया’ गठबंधन के 10 सांसद भी शामिल थे। बाद में सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। विपक्ष का कहना है कि एसआईआर और ‘वोट चोरी’ समेत निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उसकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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