खड़गे और राहुल गांधी के साथ विपक्षी सांसदों ने राजघाट पर दी श्रद्धांजलि, बोले- 'वोट चोरी' करने वाले इस्तीफा दें

राजघाट पर धरने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि हम सभी ने गांधी जी की समाधि स्थल पर जाकर प्रार्थना की कि मोदी सरकार को सद्बुद्धि आए, ताकि ये लोग 'वोट चोरी' बंद करें। 'वोट चोरी' करने वाले इस्तीफा दें और लोगों के वोट का अधिकार सुरक्षित रहे।

खड़गे और राहुल गांधी के साथ विपक्षी सांसदों ने राजघाट पर दी श्रद्धांजलि, बोले- 'वोट चोरी' करने वाले इस्तीफा दें
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इंडिया गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज लगातार तीसरे दिन आंदोलन जारी रहा। गुरुवार शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता दिल्ली के कनॉट प्लेस से तीन बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी की समाधी पर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विपक्षी सांसद वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कुछ देर वहीं धरने पर बैठे।

राजघाट पर धरने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारे विरोध प्रदर्शन का यह तीसरा दिन है। हमने शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट किया और लोगों के मुद्दे उठाए। हम सभी ने गांधी जी की समाधि स्थल पर जाकर प्रार्थना की कि मोदी सरकार को सद्बुद्धि आए, ताकि ये लोग 'वोट चोरी' बंद करें। 'वोट चोरी' करने वाले इस्तीफा दें और लोगों के वोट का अधिकार सुरक्षित रहे।


इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की ओर से कनॉट प्लेस के रेस्तरां में आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी नेता तीन बसों में सवार होकर राजघाट के लिए रवाना हुए। खड़गे के साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, जेबी माथेर, पवन खेडा़, केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के राजीव राय, सीपीआई के पी संदोष कुमार और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद और नेता बस में सवार होकर राजघाट पहुंचे।

कनॉट प्लेस से राजघाट तक की यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते और ढोल बजाते हुए आगे चल रहे थे। कुछ स्थानों पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी नारे लगाते और डफली बजाते नजर आए। राजघाट के पास पहुंचने पर विपक्षी सांसदों के काफिले को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। करीब एक घंटे तक बाहर इंतजार करने के बाद राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी और अन्य सासंदों को राजघाट के अंदर जाने की इजाजत मिली, जहां इन नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि दी। राजघाट के गेट पर भारी सुरक्षाबल तैनात रहा। अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं दी गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही मीडिया के लोगों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया।

राजघाट से निकलने के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, "विपक्षी पार्टियों ने जो आरोप लगाए हैं, वही आरोप दो चुनाव आयुक्त भी लगा रहे हैं। वे विपक्षी सांसदों से क्यों नहीं मिल सकते? वे सिर्फ बीजेपी सांसदों से ही मिलते हैं। अगर उन्हें लगता है कि वे पूरी तरह सही हैं, तो उन्हें विपक्षी सांसदों और चुनाव आयोग के बीच होने वाली बैठक का लाइव टेलीकास्ट करना चाहिए। देश में 2014 से वोट चोरी हो रही है।


कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी विपक्षी सांसद राजघाट आए, प्रार्थना की और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। हमने इस सरकार को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना की। हमने ज्ञानेश कुमार को भी सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना की। हम कुछ न कुछ करते रहेंगे। कल हम राष्ट्रपति भवन भी जाएंगे।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी को यह समझना होगा कि झूठी बातें फैलाकर आप इस आंदोलन, इस विरोध-प्रदर्शन या इस सत्याग्रह से लोगों का ध्यान नहीं भटका सकते।

कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। हम सरकार को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि विपक्ष का यह अधिकार है कि वह आपको आपकी गलत नीतियों के बारे में बताए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने स्वतंत्र एजेंसियों को कठपुतली बना लिया है। विपक्ष ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहा है। हम उनसे मिलना चाहते हैं, लेकिन मिलने नहीं दिया जा रहा है। सरकार ने उन्हें अपनी क्षत्रछाया में बचा लिया है। हमें चारों तरफ से दिल्ली को छावनी बनाकर रोका जा रहा है। कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। जिन 13 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से गलती से हटा दिए गए थे, उनके नाम भी वापस जोड़ने होंगे।

सीपीआई (एम) नेता वी. शिवदासन ने कहा कि हम सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेंगे। हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे। कांग्रेस नेता जेबी माथर ने कहा कि महात्मा गांधी के आशीर्वाद से, जिन्होंने हमें आजादी का रास्ता दिखाया और न्याय के लिए लड़ना सिखाया। राहुल गांधी के नेतृत्व में हम आगे बढ़ते रहेंगे।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हमारा रुख बिल्कुल साफ है कि पिछले तीन दिनों से इंडिया गठबंधन दिल्ली की सड़कों पर है। हम मुख्य चुनाव आयुक्त से यह बताने गए थे कि वे 'वोट चोरी' का हिस्सा रहे हैं। दूसरी बात, कल हम जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने गए थे, जो दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह है। हमें इसकी इजाजत नहीं दी गई और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया। हमारी मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।


कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अब जनता कह रही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त देशद्रोही हैं। उन्होंने लोकतंत्र के साथ धोखा किया है और उन्हें इस्तीफा देना होगा। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि चाहे कितना भी दमन किया जाए या कितनी भी पुलिस फोर्स तैनात की जाए, लोग अब बाहर आ चुके हैं। यह अब एक जन-आंदोलन बन गया है और को रोका नहीं जा सकता। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि ज्ञानेश कुमार जितने ज्यादा समय तक अपने पद पर बने रहेंगे, भारत के चुनाव आयोग में आम लोगों का भरोसा उतना ही कम होता जाएगा।= और यह घटता हुआ भरोसा लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार और आयोग पर लगातार निशाना साध रहे हैं। गठबंधन के नेता इन मुद्दों पर सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांग रहे हैं।एक दिन पहले बुधवार को विपक्षी सांसदों ने जनपथ से तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था।

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। उससे एक दिन पहले मंगलवार को भी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने संसद मार्ग के पास अवरोधक लगाकर उनका मार्च रोक दिया था, जिसके बाद कई विपक्षी नेता और सांसद वहीं धरने पर बैठ गए थे।

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