छात्रों के समर्थन में गांधी स्मृति पहुंचे विपक्ष के सांसद, राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद बस में सवार होकर ‘गांधी स्मृति’ गये। वहां पहुंचकर, विपक्ष के सांसदों ने नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले दिवंगत छात्रों को हाथ जोड़कर श्रद्धांजलि दी और बाद में राष्ट्रगान गाया।

छात्रों के समर्थन में गांधी स्मृति पहुंचे विपक्ष के सांसद, राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस क्रैकडाउन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गुरुवार शाम को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दलों के सांसदों ने गांधी स्मृति पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई और केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया।

इससे पहले, कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल कई दलों के नेता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के लिए अपना पूर्ण समर्थन दोहराया। इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद बस में सवार होकर ‘गांधी स्मृति’ गये। वहां पहुंचकर, विपक्ष के सांसदों ने नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले दिवंगत छात्रों को हाथ जोड़कर श्रद्धांजलि दी और बाद में राष्ट्रगान गाया।


इस दौरान अपने हाथ में संविधान की एक छोटी प्रति लिये हुए राहुल गांधी ने कहा कि "हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है। यह छात्रों पर अत्याचार कर रही है और शांति से विरोध कर रहे युवाओं को पीट रही है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम स्टूडेंट्स के साथ मजबूती से खड़े हैं। नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना चाहिए और छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।"

इस दौरान राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या और मोदी सरकार के लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले के बीच तुलना की। गांधी स्मृति पहुंचकर विपक्षी सांसदों ने थोड़ी दूर तक मार्च भी किया। इस दौरान राहुल गांधी अपने साथ संविधान की एक छोटी प्रति लिये हुए थे, जबकि विपक्षी सांसद महुआ माझी और महुआ मोइत्रा राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए दिखीं। कई सांसदों ने ‘गांधी स्मृति’ में अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाया हुआ था।

इससे पहले आज शाम को, पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर पुलिस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर विशाल हो चुके छात्रों के आंदोलन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की बढ़ती आशंकाओं के बीच उनके समर्थन के लिए रणनीती बनाने के लिए विपक्ष के सांसद राहुल गांधी के आवास पर इकट्ठा हुए थे। इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब 100 से ज्यादा विपक्षी सांसद जैसे ही बस में बैठकर गांधी स्मृति के लिए निकलने लगे तो पुलिस ने सुनहरी बाग रोड पर बैरिकेड लगा दिए।

हालांकि, थोड़ी ही देर में वहीं सैकड़ों की संख्या में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के पहुंचने बाद पुलिस ने बैरिकेड हटा दिए और राहुल गांधी और अन्य सांसदों को ले जा रही बस को आगे बढ़ने की इजाजत दे दी। जब वे सुनहरी बाग रोड के आखिर में और अमित शाह के घर के पास पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें फिर रोक दिया और कहा कि उन्हें वहां इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है क्योंकि बीएनएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत उस इलाके में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। बाद में पुलिस ने विपक्षी सांसदों को तीस जनवरी मार्ग की ओर जाने की इजाजत दे दी।


इस दौरान राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कोई भी उन्हें भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से नहीं रोक सकता। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘छात्रों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, हम विपक्षी सांसदों को इंडिया गेट ले जाना चाहते थे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर, हम उन्हें तीस जनवरी मार्ग, यानी गांधी जी की हत्या वाली जगह ले जाना चाहते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब, उन्होंने हमारे सामने बस खड़ी कर दी है ताकि हम वहां न पहुंच सकें। उन्होंने हमें आगे बढ़ने से रोकने के लिए यह बस और बैरिकेड लगाए हैं।’’ इसके बाद राहुल गांधी ने बस में खड़े होकर एक वीडियो में कहा, ‘‘जाहिर है, वे डरे हुए हैं। हम सभी सांसदों को लगा कि अगर छात्र सड़कों पर हैं, तो हमें भी सड़कों पर होना चाहिए।’’

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इससे पहले, राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अभी, इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता शांति से तीस जनवरी मार्ग पर स्थित गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया- वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और हम उन छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।’’

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इससे पहले, विपक्षी सांसदों ने पुलिस बर्बरता के मुद्दे को सड़कों से लेकर संसद तक जोर-शोर से उठाने की रणनीति पर चर्चा की। एक सूत्र ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को संबोधित किया कि छात्रों के मुद्दों पर सरकार पर दबाव कैसे बढ़ाया जाए। राहुल गांधी के आवास पर मौजूद नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, प्रमोद तिवारी, के. सुरेश, कुमारी सैलजा और प्रणीति शिंदे समेत कांग्रेस के कई सांसद शामिल थे। इस बैठक में आरजेडी के संजय यादव, सुधाकर सिंह और मीसा भारती, सीपीआई के जॉन ब्रिटास, आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सॉगत रॉय समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।

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