पेगासस जासूसी मुद्दे को लेकर विपक्ष का केंद्र पर साझा वार, संसद में चर्चा के लिए तैयारी होगी मोदी सरकार?

समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के अठारह नेताओं ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी कर पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा की मांग की। बयान में लिखा है कि विपक्षी दल दोनों सदनों में पेगासस मुद्दे पर चर्चा के लिए अपनी मांग पर दृढ़ और एकजुट हैं।

फोटो: IANS
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के अठारह नेताओं ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी कर पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा की मांग की। बयान में लिखा है कि विपक्षी दल दोनों सदनों में पेगासस मुद्दे पर चर्चा के लिए अपनी मांग पर दृढ़ और एकजुट हैं। विपक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 'किसानों के मुद्दों पर चर्चा और तीन किसान विरोधी और काले कृषि कानूनों से उत्पन्न आंदोलन पेगासस पर चर्चा करनी चाहिए'।

साथ ही कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने संयुक्त विपक्ष को बदनाम करने और संसद में निरंतर व्यवधान के लिए इसे दोष देने के लिए एक भ्रामक अभियान चलाया है। गतिरोध की जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार के दरवाजे पर है, जो अभिमानी और अडिग है और स्वीकार करने से इनकार करती है। विपक्ष की दोनों सदनों में एक सूचित बहस की मांग की गई।


विपक्ष ने यह भी कहा कि यह सरकार से संसदीय लोकतंत्र का सम्मान करने और चचार्ओं को स्वीकार करने का आग्रह करता है।

यह पत्र राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार, राकांपा, टी.आर. बालू, द्रमुक, आनंद शर्मा, कांग्रेस, रामगोपाल यादव, सपा, डेरेक ओ ब्रायन, तृणमूल, संजय राउत, शिवसेना, कल्याण बनर्जी, तृणमूल, विनायक राउत, शिवसेना, तिरुचि शिव, द्रमुक, मनोज झा, राजद, एलाराम करीम, माकपा, सुशील गुप्ता, आप, ई.टी. मो. बशीर, आईयूएमएल, हसनैन मसूदी, एन, बिनॉय विश्वम, भाकपा, एन.के. प्रेमचंद्रन, आरएसपी, और एम.वी., श्रेयम्स कुमार, एलजेडी द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया था।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia