CJP के संसद मार्च में पैलेट गन से चले थे 7 राउंड! CRPF जांच में बड़ा खुलासा, तीन लोग हुए थे घायल
सीआरपीएफ की जांच में पता चला है कि संसद मार्च के दौरान आरएएफ के एक जवान ने पैलेट गन से सात राउंड फायर किए, जिसमें तीन लोग घायल हुए थे।

20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जनसत्ता के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कनॉट प्लेस में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान ने पैलेट गन से सात राउंड फायर किए थे। इनमें से पांच राउंड प्रदर्शनकारियों को लगे, जबकि दो राउंड जमीन की ओर दागे गए। इस मामले में सीआरपीएफ ने आरएएफ जवानों की लॉग एंट्री की भी जांच की है।
3 लोग हुए थे घायल, पैलेट गन के इस्तेमाल की हो रही जांच
जनसत्ता के मुताबिक, सीआरपीएफ इस बात की जांच कर रही थी कि संसद मार्च के दौरान आरएएफ कर्मियों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया था या नहीं। जांच के दौरान सामने आया कि पैलेट गन के छर्रे लगने से तीन लोग घायल हुए। इनमें गुड़गांव में काम करने वाले 25 वर्षीय इरशाद शेख, दिल्ली विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र साहिल लोहचब और आउटलुक पत्रिका के एक पत्रकार शामिल हैं।
DG ने कहा- होगी गहन जांच
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों पर हमला और पत्थरबाजी किए जाने के बाद पैलेट गन से फायर किए गए। इस संबंध में सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चूंकि आंदोलन समाप्त हो चुका है और लोग वहां से हट चुके हैं, इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी।
हालांकि, इस मामले में आरएएफ की महानिरीक्षक सीमा धुंधिया और सीआरपीएफ के प्रवक्ता को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।
भीड़ नियंत्रण के तरीकों पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि आरएएफ की महानिरीक्षक सीमा धुंधिया ने संसद मार्च के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए अपनाए गए तरीकों को मानकों के अनुरूप नहीं माना था। उन्होंने 22 जुलाई को दिल्ली में तैनात सीआरपीएफ के कंपनी कमांडरों और कमांडेंट्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर जंतर-मंतर प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान आरएएफ कर्मियों की भूमिका की समीक्षा की थी।
बैठक में जवानों को निर्देश दिया गया था कि बल का इस्तेमाल केवल आवश्यक सीमा तक ही किया जाए। इसके साथ ही कार्रवाई से पहले चेतावनी देने और हालात के अनुसार लाठीचार्ज, आंसू गैस तथा अन्य उपाय अपनाने पर जोर दिया गया।
संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेपी के संसद मार्च में शामिल युवाओं को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बाद विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देकर सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया।
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