संसद का मॉनसून सत्र आज से, राम मंदिर चढ़ावा से नीट तक, सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष, सदन में हंगामे के आसार

संसद मॉनसून सत्र 2026 आज से शुरू हो रहा है। राम मंदिर चढ़ावा, नीट पेपर लीक, मणिपुर और एथनॉल नीति समेत कई मुद्दों पर सरकार को विपक्ष घेरने की तैयारी में है।

फोटोः सोशल मीडिया
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संसद मॉनसून सत्र 2026 आज से शुरू हो रहा है। पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के संकेत मिल रहे हैं। सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक और लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में कई अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। विपक्ष ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा "घोटाले", नीट प्रश्नपत्र लीक, मणिपुर, एथनॉल नीति, किसानों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की है, जबकि सरकार ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है।

आज विपक्ष की रणनीति बैठक भी होगी

उधर, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोमवार सुबह 10 बजे विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक होगी। यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न विपक्षी दलों के सदनों के नेता शामिल होंगे। इसी बैठक में दोनों सदनों के लिए विपक्ष की साझा रणनीति तय की जाएगी।

20 जुलाई से शुरू हो रहा संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। ऐसे में पहले दिन से ही सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।

सरकार ने 8 विधेयकों की सूची जारी की

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बताया कि मॉनसून सत्र के लिए फिलहाल आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं। अगर अतिरिक्त विधायी कामकाज होगा तो उसे कार्य मंत्रणा समिति में रखा जाएगा और सभी राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने सरकार की ओर से लाए जाने वाले विधेयकों पर सार्थक चर्चा और सहयोग की भी अपील की।

इस सत्र के दौरान राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक और आयकर (संशोधन) विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं।

कई मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

इससे पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति साफ कर दी। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने राम मंदिर से जुड़े कथित "चंदा चोरी", एथनॉल नीति, छात्रों से जुड़े मुद्दों और मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रश्नपत्र लीक, निर्वाचन आयोग की कथित एकपक्षीय कार्यवाही और सरकारी सेवाओं में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग की कथित उपेक्षा का मुद्दा उठाया।

वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद तिरुची शिवा ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार से स्पष्ट फार्मूला पेश करने की मांग की।


TMC और शिवसेना (UBT) के मुद्दे पर विपक्ष का वॉकआउट

सर्वदलीय बैठक की शुरुआत में ही तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से जुड़े बगावत के मामलों को लेकर विपक्षी दलों ने कुछ देर के लिए बहिर्गमन किया। विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के समूह को बैठक में आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई।

इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक हुई। बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने जनहित के मुद्दों पर व्यापक और सार्थक चर्चा, रचनात्मक भागीदारी और संसदीय परंपराओं के उच्च मानकों के पालन पर जोर दिया।