पतंजलि के गेहूं के आटे के एक बैच में तय सीमा से ज्यादा मिला कीटनाशक, वापस मंगाने के आदेश के बाद लुढ़के शेयर

पतंजलि फूड्स के गेहूं के आटे के एक बैच को वापस मंगाने का आदेश मिला है। वहीं, कंपनी का शेयर गिरावट के बीच 52 हफ्ते के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
i

योग गुरु रामदेव से जुड़ी कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयरों में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के गेहूं के आटे के एक बैच को वापस मंगाने के निर्देश मिलने के बाद निवेशकों की बिकवाली बढ़ गई और शेयर अपने उच्च स्तर से करीब 38 फीसदी तक लुढ़क गया। केरल के कोट्टायम खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण की जांच में संबंधित बैच में क्लोरपायरीफॉस (Chlorpyrifos) नामक कीटनाशक के अंश तय कानूनी सीमा से अधिक पाए गए थे।

एक बैच में मिला तय सीमा से अधिक कीटनाशक

पतंजलि फूड्स ने 24 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि फूड सेफ्टी अधिकारियों को गेहूं के आटे के एक बैच में तय सीमा से अधिक कीटनाशक के अवशेष (रेसिड्यू) मिले हैं। इसके बाद कंपनी को उस बैच को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया गया। कंपनी के मुताबिक, केरल के कोट्टायम स्थित असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ फूड सेफ्टी के कार्यालय ने 20 जुलाई को यह आदेश जारी किया था, जो 24 जुलाई को कंपनी को प्राप्त हुआ।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल गेहूं के आटे के एक विशेष बैच तक सीमित है और उसके अन्य किसी उत्पाद पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।


क्या है क्लोरपायरीफॉस, क्यों है चिंता का विषय?

क्लोरपायरीफॉस एक ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशक है, जिसका इस्तेमाल फसलों में कीड़ों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यदि भोजन में इसकी मात्रा तय सीमा से अधिक हो, तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसके अधिक सेवन से न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, चक्कर आना, सिरदर्द और पेट संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।

52 हफ्ते के निचले स्तर के करीब पहुंचा स्टॉक

पतंजलि फूड्स का शेयर, जो 552 रुपये के स्तर पर था, गिरकर करीब 344 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार करने लगा। यानी शेयर में 208.55 रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह अपने उच्च स्तर से 37.74 प्रतिशत तक टूट चुका है। कंपनी का 52 सप्ताह का निचला स्तर 328.20 रुपये है, जिससे मौजूदा भाव काफी करीब पहुंच गया है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए