BJP को वोट न देने पर बीड में मराठा समुदाय के लोगों पर हो रहा है हमला- जरांगे पाटिल का दावा

जरांगे पाटिल ने दावा किया कि बीड जिले के कुछ गांवों में मराठों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंकजा मुंडे को वोट न देने पर हमला किया जा रहा है। पंकजा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के उम्मीदवार बजरंग सोनावने से हार गई थीं।

BJP को वोट न देने पर बीड में मराठा समुदाय के लोगों पर हो रहा है हमला- जरांगे पाटिल का दावा
BJP को वोट न देने पर बीड में मराठा समुदाय के लोगों पर हो रहा है हमला- जरांगे पाटिल का दावा
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र के मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने दावा किया है कि बीड जिले के कुछ गांवों में मराठों पर बीजेपी की पंकजा मुंडे को वोट नहीं देने के लिए हमला किया जा रहा है। उन्होंने गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से लोकसभा चुनाव में बीड में बीजेपी को वोट न देने पर मराठा समुदाय के लोगों पर हमला करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का आग्रह किया है।

अंतरवाली सारथी गांव में अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन पत्रकारों से वार्ता करते हुए जरांगे ने दावा किया कि बीड जिले के कुछ गांवों में मराठों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंकजा मुंडे को वोट न देने पर हमला किया जा रहा है। पंकजा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के उम्मीदवार बजरंग सोनावने से हार गई थीं।

जरांगे पाटिल ने गृह मंत्री फडणवीस और बीड के पुलिस अधीक्षक से हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और मराठा युवाओं से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मराठा हितों का विरोध करने वाले नेताओं को आगामी विधानसभा चुनावों में परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

जरांगे मराठा समुदाय के लोगों के लिए अन्य पिछड़ा समुदाय (ओबीसी) का दर्जा और पात्र कुनबी मराठों के रक्त संबंधियों को प्रमाणपत्र जारी करने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस साल की शुरुआत में जारी मसौदा अधिसूचना के कार्यान्वयन की मांग को लेकर शनिवार से अनशन कर रहे हैं। कुनबी एक कृषि समूह है जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आता है। जरांगे मांग कर रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र जारी किए जाएं ताकि वे आरक्षण के लाभ के लिए पात्र बन सकें।

उन्होंने मराठा समुदाय के लोगों से खेती पर ध्यान देने और अंतरवाली सारथी में प्रदर्शन स्थल पर नहीं आने की सलाह दी है। इससे पूर्व ग्रामीणों के एक वर्ग ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरे की आशंका जताते हुए गांव में जरांगे के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया था।

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