पेट्रोल 87 तो डीजल 91 पैसे महंगा, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम, CNG भी महंगी, कांग्रेस बोली- जनता को लूट रही मोदी सरकार

शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सीएनजी भी आज 1 रुपए महंगी हो गई है। ये पिछले 10 दिनों में तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। शनिवार को एक बार फिर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की गई। पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर, डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर और सीएनजी में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।

10 दिन में तीसरी बार बढ़े दाम

बीते 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ। लगातार बढ़ोतरी के चलते पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 5 रुपये तक का इजाफा हो चुका है। वहीं, सीएनजी के दाम भी दूसरी बार बढ़ाए गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये से बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल का दाम 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इसके अलावा सीएनजी अब 81.09 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रही है।

महंगाई मैन' मोदी ने पेट्रोल-डीजल पर 9 दिन में 5 रुपए बढ़ा दिए- कांग्रेस

लगातार बड़ रहे तेल की कीमतों को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने एक पर एक पोस्ट में लिखा है कि महंगाई मैन' मोदी ने पेट्रोल-डीजल पर 9 दिन में 5 रुपए बढ़ा दिए। आज फिर पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा कर दिया गया। मोदी को बस तेल कंपनियों के फायदे की चिंता है. एक तरफ जहां दुनियाभर की सरकारें अपनी जनता को राहत दे रही हैं, मोदी सरकार जनता को ही लूटने में लगी है। कभी तो जनता के भले के बारे में सोच लो, कब तक पूंजीपतियों का फायदा कराते रहोगे?

क्या है तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में तेजी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच अनिश्चित माहौल के कारण ग्लोबल ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर देश के ईंधन दामों पर पड़ता है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखा।

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