'PM मोदी... अगर हिम्मत है तो आपातकाल की आधिकारिक घोषणा कीजिए', सौरव और रांका की गिरफ्तारी पर भड़के अभिजीत दीपके
दीपके ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर कौन सा अपराध कर दिया है।

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी देश में ‘‘अघोषित आपातकाल’’ लागू कर रहे हैं।
दीपके ने पूछा कि सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर कौन सा अपराध कर दिया है?
सीजेपी नेता ने कहा, ‘‘इस देश में तिरंगा फहराना सबसे बड़ा पाप बन गया है, जिसके लिए लोगों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है।"
दीपके ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के आंदोलन और सीजेपी के आंदोलन का मकसद एक ही है।
दिल्ली के जंतर-मंतर में जबरन घुसने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को लेकर अभिजीत दीपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। अभिजीत दीपके ने बुधवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी देश में ‘‘अघोषित आपातकाल’’ लागू कर रहे हैं।
हिम्मत है तो आपातकाल की आधिकारिक घोषणा कीजिए- दीपके
दीपके ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर कौन सा अपराध कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी से कहना चाहता हूं कि अगर आप देश में आपातकाल लगाना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक घोषणा कीजिए।’’
दीपके ने कहा, ‘‘यह क्या है? कायरों की तरह काम करना और अघोषित आपातकाल लगाना, जहां जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर लोगों को पांच दिन की हिरासत में रख लिया जाता है? ऐसा तो आपातकाल के दौरान भी नहीं हुआ था।’’
सीजेपी नेता ने कहा, ‘‘इस देश में तिरंगा फहराना सबसे बड़ा पाप बन गया है, जिसके लिए लोगों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है। इसलिए मैं (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी से कहना चाहता हूं कि इतनी कायरता मत दिखाइए; थोड़ा साहस दिखाइए। अगर हिम्मत है तो आपातकाल की आधिकारिक घोषणा कीजिए।’’
सीजेपी और इंडिया गठबंधन का एक ही मकसद
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि सीजेपी सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने वाला एक स्वतंत्र समूह है और हमेशा रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सीजेपी ‘इंडिया’ गठबंधन के खिलाफ है। ‘इंडिया’ गठबंधन के आंदोलन और सीजेपी के आंदोलन का मकसद एक ही है।’’
दीपके ने मंगलवार को क्या कहा था?
दीपके ने मंगलावर को आरोप लगाया था कि जब सीजेपी को प्रोटेस्ट की इजाजत दी गई तो कई लोगों ने तुरंत यह कॉन्स्पिरेसी थ्योरी फैलानी शुरू कर दी कि हमें बीजेपी द्वारा प्लांट किया गया। कल इंडिया ब्लॉक ने एक विशाल विरोध-प्रदर्शन किया लेकिन वैसा कोई क्रैकडाउन देखने को नहीं मिला जैसा हमने 10 अक्टूबर को देखा। सरकार ठीक इसी तरह से हमें एक-दूसरे के खिलाफ लड़ाती है। अलग-अलग प्रोटेस्ट के साथ अलग-अलग बर्ताव करती है। लोगों के बीच संदेह और अविश्वास पैदा करती हैं जो आखिरकार एक ही मकसद के लिए लड़ रहे हैं।
अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, "मेरी सभी से बस यही अपील है कि इन चालों को समझें। आज, वे एक प्रोटेस्ट की इजाजत दे सकते हैं और दूसरे को कुचल सकते हैं। कल, वे भूमिकाएं बदल सकते हैं। मकसद सिर्फ इतना है कि सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने के बजाय हम एक-दूसरे पर शक करते रहें। कॉन्स्पिरेसी थ्योरी को हमें बांटने न दें। जब हमें एक साथ खड़े होना चाहिए, तब आपस में ही लड़ने के जाल में न फंसें। लड़ाई ज्ञानेश कुमार और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ है। इस बात को न भूलें।"
दीक्षाभूमि जाएंगे दीपके
दीपके ने कहा कि वह नागपुर स्थित दीक्षाभूमि जाएंगे, जहां 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने हजारों समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था।
उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं यहीं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने जा रहा हूं, क्योंकि हमारा देश संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों से चलता है। (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी या कोई भी इस देश पर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की विचारधारा थोपने की चाहे जितनी कोशिश कर ले, ऐसा नहीं होगा।’’ उन्होंने कहा कि यह देश हमेशा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर चलेगा।
बता दें कि, शांति बनाए रखने के मुचलके के उल्लंघन और प्रदर्शन के लिए गैर-अधिसूचित क्षेत्र घोषित किए जा चुके जंतर-मंतर पर जबरन घुसने के आरोप में दास और रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार तड़के तीनों को उस समय हिरासत में लिया गया था जब वे कथित तौर पर अवरोधक पार कर जंतर-मंतर क्षेत्र में घुस गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।
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