प्रधानमंत्री मोदी सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ, उनका पूरा तंत्र शिक्षा से नफरत करता है: राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बेहद चौंकाने वाली बात है कि युवाओं के पेपर लीक, बेरोजगारी और सुरक्षा के सवालों पर चुप रहने वाले प्रधानमंत्री, इंटरनेट ट्रोल्स के इशारे पर फौरन काम करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ, उनका पूरा तंत्र शिक्षा से नफरत करता है: राहुल गांधी
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पीएम मोदी सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ

पीएम मोदी का पूरा तंत्र शिक्षा से नफ़रत करता है

मोदी इंटरनेट ट्रोल्स के इशारे पर फौरन काम करते हैं

आंबेडकर और ज्योतिबा फुले की किताब से जुड़ा मामला

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे छात्रों के सवाल पूछने और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

आंबेडकर और ज्योतिबा फुले की किताब से जुड़ा मामला

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक खबर का हवाला देते हुए यह दावा भी किया कि एक गुमनाम पोस्ट में डॉ. बी. आर. आंबेडकर की ‘जाति का विनाश’ और ज्योतिबा फुले की ‘गुलामगिरी’ समेत कई पुस्तकों को युवाओं के दिमाग में ‘‘जहर’’ भरने वाला बताया गया। इसके अगले दिन, रविवार को, प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबंधित पाठ्यक्रमों की जानकारी और उनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या मांगी।"


इंटरनेट ट्रोल्स के इशारे पर फौरन काम करते हैं मोदी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ़ हैं। उनका पूरा तंत्र शिक्षा से नफ़रत करता है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि छात्र सोचें या सवाल पूछें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बेहद चौंकाने वाली बात है कि युवाओं के पेपर लीक, बेरोजगारी और सुरक्षा के सवालों पर चुप रहने वाले प्रधानमंत्री, इंटरनेट ट्रोल्स के इशारे पर फौरन काम करते हैं।’’

शिक्षा मंत्रालय ने कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भेजा ईमेल

राहुल गांधी ने जिस खबर का हवाला दिया, उसमें कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने 27 सितंबर को कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को ईमेल भेजकर संबंधित पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों के नामांकन का विवरण मांगा था और एक एक्स पोस्ट को लेकर उनकी टिप्पणियां भी मांगी थीं। खबर में दावा किया गया है कि ईमेल में प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त संचार का उल्लेख था।

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