प्रधानमंत्री मोदी हताश और परेशान, उनके ‘झोला उठाकर जाने’ का समय करीब: कांग्रेस
जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी ने एक बार फिर ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक गंभीर और गैर-राजनीतिक अवसर पर सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

मोदी ने दिवाली के दिन भी अपने चिरपरिचित अंदाज में अनर्गल भाषा का इस्तेमाल किया
मोदी हताश और परेशान हैं, अब उनके ‘‘झोला उठाने का’’ का समय करीब आ रहा है
सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर दिवाली के दिन भी अपने चिरपरिचित अंदाज में अनर्गल भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि वह स्पष्ट रूप से हताश और परेशान हैं और अब उनके ‘‘झोला उठाने का’’ का समय करीब आ रहा है।
विरोधियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया
जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक गंभीर और गैर-राजनीतिक अवसर पर सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि 28 अप्रैल 2024 को प्रधानमंत्री ने जाति जनगणना की मांग करने वालों को ‘शहरी नक्सली’ बताया था, लेकिन बाद में 30 अप्रैल 2025 को उन्होंने घोषणा की कि जनगणना 2027 के तहत जाति जनगणना कराई जाएगी।
मोदी स्पष्ट रूप से हताश, परेशान और बेचैन हैं
कांग्रेस नेता ने कहा कि सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री मोदी ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वालों को नक्सली विचारधारा का समर्थक बताया था, लेकिन 19 नवंबर 2021 को उन्हीं कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी स्पष्ट रूप से हताश, परेशान और बेचैन हैं। रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि अब उनके ‘‘झोला उठाकर जाने’’ का समय तेजी से करीब आ रहा है।
बस्तर में मोदी ने विरोधियों को दिमागी नक्सल कहा
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के करनपुर में सीआरपीएफ के शिविर में जवानों के साथ दिवाली मनाते हुए अपने आदत के अनुसार राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि भले ही हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो गया है, लेकिन नक्सलवाद का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सली’ राजनीतिक दलों सहित कई संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। मोदी ने कहा कि हमें ऐसे तत्वों की पहचान करके उन्हें हराना होगा और देश को सुरक्षित रखना होगा।
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