ईरानी पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री ने साधी ‘आपराधिक चुप्पी’: कांग्रेस
अखिलेश यादव ने भी अमेरिका द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबो दिये जाने पर मोदी सरकार के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि लोग इसे ‘चुप्पी’ मानें या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए।

कांग्रेस ने हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना द्वारा भारत में एक अभ्यास में हिस्सा लेकर लौट रहे ईरानी पोत पर हमला किए जाने की घटना को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पर ‘आपराधिक चुप्पी’’ साध रखी है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अमेरिका द्वारा श्रीलंका के दक्षिणी छोर पर ईरानी युद्धपोत को 'डुबा दिये जाने' पर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के रुख की आलोचना करते हुए गुरुवार को कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि लोग इसे ‘चुप्पी’ मानें या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए। उन्होंने कहा कि देश के लिए मौजूदा समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने घटना का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हम 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के साथ 'अतिथि देवो भवः' की बात करते हैं। नरेन्द्र मोदी भी अक्सर इनका जिक्र करते हैं। मगर उनकी कार्यशैली और विदेश नीति में इन दोनों कथनों का तनिक भी अंश नहीं दिखाई देता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ईरान का जहाज हमारे निमंत्रण पर आया था। ईरानी नौसेना के लोग हमारे मेहमान थे और उनको हमारी सीमा के निकट मार दिया गया।’’
खेड़ा ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री के मौन में भी बहुत कुछ सुनाई दे रहा है, जिसे सुनकर पूरा विश्व हैरान है। आज प्रधानमंत्री की आपराधिक चुप्पी पूरे देश और उसकी विरासत पर बदनुमा दाग की तरह उभरकर सामने आ रही है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत अपनी क्षमताओं और प्रौद्योगिकी के आधार पर हिंद महासागर की निगरानी करता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के ‘नए भारत’ में देश में आए मेहमान को किसी दूसरे देश द्वारा मार दिया गया।
पवन खेड़ा ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने बंद कर दिया है, जिसके कारण 10 हजार करोड़ का भारतीय सामान, 38 जहाज और 1,100 नाविक फंसे हुए हैं, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पा रही है क्योंकि भारत सरकार ने ईरान के साथ बातचीत के सारे रास्ते बंद कर लिए हैं।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिकी-इजरायली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘‘यह इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी है कि इस गंभीर विषय पर बीजेपी सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है?’’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते यह देश की सरकार, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का संयुक्त दायित्व बनता है कि वे इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करें, मगर कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुंह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे।
उन्होंने तंज कसा, ‘‘जो बीजेपी सरकार कुछ कह भी नहीं रही है, वह करेगी क्या, यह सोचकर देशवासी परेशान हैं। बीजेपी ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीका ढूंढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि बीजेपी के सदस्य आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे, जिससे बीजेपी सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।
मंगलवार देर रात श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी हमले के बाद ‘आईरिस देना’ नामक एक ईरानी नौसैन्य जहाज डूब गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबा दिया। यह ईरानी जहाज हाल में भारत द्वारा पिछले महीने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था।