मोदी-शी की शिखर वार्ता से पहले पुलिस ने 11 तिब्बतियों को हिरासत में लिया, चीन के राष्ट्रपति का कर रहे थे विरोध

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले चेन्नई में कई तिब्बतियों ने प्रदर्शन किया। जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 तिब्बतियों को हिरासत में लिया। सभी शी जिनपिंग का विरोध करने के इरादे से वहां इकट्ठा हुए थे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी की अनौपचारिक बैठक आज चेन्नई के महाबलिपुरम में होगी। लेकिन इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे 11 तिब्बतियों को तमिलनाडु पुलिस ने हिरास्त में ले लिया है। यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर ममल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरे अनौपचारिक भारत-चीन शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी यहां आने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार, पांच तिब्बतियों को हिरासत में उस वक्त लिया गया, जब वे आईटीसी ग्रांड चोल होटल के बाहर इकट्ठे हुए और शी के खिलाफ नारे बाजी करने लगे। शी यहीं ठहरेंगे। काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन की कोशिश करने वाले बेंगलुरु से आए 6 तिब्बतियों को चेन्नई हवाई अड्डे के बाहर हिरासत में ले लिया गया।


इससे पहले मंगलवार को तमिलनाडु पुलिस ने राज्य में 42 तिब्बतियों को हिरासत में लिया था। वे सभी लोगों चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा का विरोध कर रहे थे। बता दें कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले मामल्लापुरम को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। करीब 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और नेवी के युद्धपोतों को भी तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि चीन तिब्बत को अपना हिस्सा रहा है और तिब्बत पर किसी से किसी तरह की बातचीत से साफ इनकार करता है। चीन ने तिब्बत को स्वायत्त क्षेत्र घोषित कर रखा है, इसे तिब्बत एसएआर यानी तिब्बत स्पेशल ऑटोनोमस रीज़न मानता है। लेकिन तिब्बत के लोगों का कहना है कि वह एक अलग देश है, जिस पर चीन ने कब्जा कर रखा है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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