उत्तर प्रदेश में डायल 100 का बुरा हाल, समझौते के नाम पर पुलिस वाले खुलेआम ले रहे रिश्वत

शामली में एक एक्सीडेंट होने के बाद समझौते के नाम पर डायल-100 पर तैनात दो पुलिसकर्मियों ने एक किसान पर दबाव बनाकर दो हजार रुपये रिश्वत ले लिए। इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने पर शामली के एसपी ने आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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आस मोहम्मद कैफ

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाली डायल-100 सेवा अब गलत कारणों को लेकर चर्चा में है। डायल-100 पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।विपक्ष दलों का आरोप है कि यूपी में सत्ता परिवर्तन के साथ ही डायल-100 की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते अच्छी नीयत के साथ शुरू की गई एक सेवा अब जनता के उत्पीड़न की वजह बन चुकी है।

ताजा मामला शामली जनपद के झिंझाना कस्बे से सामने आया है। यहां डायल-100 पर तैनात दो सिपाहियों ने एक एक्सीडेंट होने के बाद समझौते के नाम पर एक किसान पर दबाव बनाकर दो हजार रुपये की रिश्वत ले ली। किसान ने अपने फोन में पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली।जिसके बाद एसपी शामली ने आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया।

उत्तर प्रदेश में डायल 100 का बुरा हाल, समझौते के नाम पर पुलिस वाले खुलेआम ले रहे रिश्वत

घटना के अनुसार गुरुवार को झिंझाना शामली मार्ग पर एक मारुति कार और ट्रैक्टर में भिंडत हो गई थी। कार चालक और ट्रैक्टर चालक पड़ोस के ही गांव के थे। कार चालक जाबिर राणा के मुताबिक, दोनों पक्ष में आपसी बातचीत हो गई थी, जिसमें कोई भी किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई करने के पक्ष में नही था।अचानक वहां डायल-100 की एक बोलेरो गाड़ी पहुंच गई।अमूमन डायल-100 को बुलाया जाता है, लेकिन किसी भी पक्ष ने उसे कॉल नहीं किया था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डायल-100 में हेड कांस्टेबल कंवरपाल सिंह और होमगार्ड नरेंद्र निर्वाल ड्यूटी पर थे। उन्होंने ट्रैक्टर चालक मुन्ना और जाबिर राणा पर थाने चलकर बात करने का दबाव बनाया। इसके बाद समझौता कराने की बात कहकर मामला रफा-दफा किया और दो हजार रुपए ले लिए। खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया सरेआम की गई और किसी एक जागरूक नागरिक ने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो में सिपाही रुपये के लिए मोलभाव करता भी दिखाई देता है। साथ ही रौब भी डालता है। उसके अपशब्दों का प्रयोग भी विचलित करता है।

डायल-100 के भ्रष्टाचार की यूपी में यह कोई पहली घटना नहीं है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल के मुताबिक यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था का असली चेहरा दिखाती है, जिसे फर्जी एनकाउंटर के शोर में छिपाया जा रहा है।

बहरहाल, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद आनन-फानन में शामली के पुलिस कप्तान अजय कुमार ने हेड कांस्टेबल कंवरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी शामली के मुताबिक प्रथम दृष्टि में पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है और समझौता कराने की एवज में अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। इसपर हमने फौरी जरूरी कार्रवाई की है।

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