मोदी सरकार में हर ओर हाहाकार, लोकतंत्र पर लगा ग्रहण और बढ़ रहा भ्रष्टाचार: रिपोर्ट

भ्रष्टाचार अनुभव सूचकांक में भी देश का प्रदर्शन खराब रहा है।आंकड़े बताते हैं कि हम कम लोकतांत्रिक और ज्यादा भ्रष्ट हो गए हैं। Corruption Perception Index (CPI) यानी भ्रष्टाचार अनुभव सूचकांक में भारत का दुनिया के 180 देशों में 80वां स्थान है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

न खाऊंगा न खाने दूंगा के नारों के साथ सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होने वाले पीएम मोदी के शासनकाल में हर क्षेत्र से नाकारत्मक खबरें ही आ रही हैं। देश में लोकतंत्र को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही है। हाल के रिपोर्ट से भी लोगों की चिंता सही साबित होता दिख रहा है। वहीं देश में भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। भ्रष्टाचार अनुभव सूचकांक में भी देश का प्रदर्शन खराब रहा है।आंकड़े बताते हैं कि हम कम लोकतांत्रिक और ज्यादा भ्रष्ट हो गए हैं। Corruption Perception Index (CPI) यानी भ्रष्टाचार अनुभव सूचकांक में भारत का दुनिया के 180 देशों में 80वां स्थान है। ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल ने यहां विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के दौरान इस सूचकांक की रिपोर्ट जारी की है।

बीजेपी ने चुनाव के वक्त भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाया था। पीएम मोदी ने कहा था कि वह ना खाएंगे ना खाने देंगे लेकिन उनकी लगभग 6 साल की सरकार में भ्रष्टाचार के मोर्चे पर सरकार को सफलता हाथ लगती नजर नहीं आ रही है। विशेषज्ञों और कारोबारी लोगों के अनुसार यह सूचकांक 180 देशों के सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तर को प्रदर्शित करता है।

लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करें तो केंद्र की मोदी सरकार पर अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35 ए हटाए जाने के बाद से वहां मीडिया को दबाए जाने के आरोप भी सरकार पर लगते रहे हैं। इन तथ्यों के आधार पर देश के लोकतांत्रिक वसूलों पर आंच आती नजर आई है।

सूचकांक में डेनमार्क और न्यूजीलैंड शीर्ष स्थान पर हैं। फिनलैंड, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, नीदरलैंड, जर्मनी और लक्जमबर्ग इस सूचकांक में शीर्ष 10 में शामिल रहे हैं। सूचकांक में 41 अंक के साथ भारत को 80वां स्थान मिला है। चीन, बेनिन, घाना और मोरक्को भी इसी रैंक में हैं। वहीं,पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को सूचकांक में 120वां स्थान मिला है।

बता दें कि भारत लोकतंत्र सूचकांक की विश्व सूची में 10 पायदान फिसल गया है। इस सूची में भारत 10वें स्थान पर आ गया है। सूची के मुताबिक 2018 में भारत का कुल अंक 7.23 था, जो 2019 में घटकर 6.90 रह गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण नागरिक स्वतंत्रता में कमी को बताया गया है।

Published: 24 Jan 2020, 7:00 PM
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