बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का दौर, TMC कार्यकर्ता की हत्या, पार्टी के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी

राज्य में करीब 36 घंटे से जारी हिंसा और टीएमसी कार्यालयों पर हमले के वीडियो वायरल होने के बाद जागे चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजपी और केंद्रीय बल को राज्य में चुनाव पश्चात हिंसा पर जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है।

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का दौर, TMC कार्यकर्ता की हत्या, पार्टी के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी
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नवजीवन डेस्क

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद राज्य भर में हिंसा का दौर शुरू हो गया है और टीएमसी के दफ्तरों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को बीरभूम जिले में एक झड़प में टीएमसी के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। वहीं कई जिलों में टीएमसी के दफ्तरों पर हमला हुआ और तोड़फोड़ कर भगवा झंडा लहरा दिया गया।

राज्य में करीब 36 घंटे से जारी हिंसा और सोशल मीडिया पर टीएमसी कार्यालयों पर हमले के वीडियो वायरल होने के बाद जागे चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजपी और केंद्रीय बल को राज्य में चुनाव पश्चात हिंसा पर जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि तोड़फोड़ और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है।

बंगाल चुनाव के नतीजे आने शुरू होने के बाद सोमवार दोपहर से ही बीजेपी के झंडे लिए भीड़ द्वारा कोलकाता के टॉलीगंज और कस्बा के अलावा बारुईपुर, कमरहटी, बारानगर उपनगरों और हावड़ा एवं बहरामपुर स्थित टीएमसी कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आने लगीं। चुनाव बाद हिंसा का ये दौर मंगलवार को भी कई इलाकों में जारी रहा।


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीएमसी के नानूर अंचल समिति के सदस्य अबीर शेख की नानूर जिले के संतोषपुर गांव में ‘दूसरे गुट’ से हुई बहस के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि शेख की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, घायल हो गया। उन्होंने बताया कि जहां तनाव का माहौल है, वहां पुलिस बल को तुरंत भेजा गया है।

नानूर से टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायक बिधान माझी ने दावा किया कि शेख पार्टी के सक्रिय सदस्य थे और इलाके में बीजेपी के गुंडों ने उनकी हत्या कर दी। हालांकि, बीजेपी नेता श्यामपद मंडल ने कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी सदस्य इस हमले में शामिल नहीं था और पुलिस को आरोपियों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी शव का एक वीडियो साझा करते हुए शीर्षक में लिखा, ‘‘भयानक, दिल दहला देने वाला।’’ ‘एक्स’ पर घोष ने कहा, ‘‘व्यापक हिंसा में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या।’’

टीएमसी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘बीरभूम के नानूर में हमारे पार्टी कार्यकर्ता की निर्मम हत्या। मोदी का परिवर्तन का विचार शुरू हो गया है। मृतक का नाम अबीर एसके।’’ पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि अलीपुरदुआर कस्बे में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक बुजुर्ग महिला पर बेरहमी से हमला किया। टीएमसी ने महिला की कथित तस्वीर संलग्न करते हुए कहा, ‘‘उन्हें सिर समेत कई जगह चोटें आई हैं।’’

टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। भीड़ में से कुछ लोगों को टूटे हुए होर्डिंग को लात मारते हुए देखा गया। रूबी क्रॉसिंग पर तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुशांत घोष के कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के झंडे लिए भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया।


इन घटनाओं की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बीजेपी ने सत्ता में आते ही अपना असली रंग दिखा दिया है।’’ तृणमूल ने कहा, ‘‘उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद में हमारे पार्टी कार्यालय पर हिंसक हमला किया। तोड़फोड़ और अराजकता- यही बीजेपी का असली चेहरा है। यह बीजेपी के घटिया राजनीति में उतरने का संकेत है।’’

हावड़ा के उदयनारायणपुर में अपने उम्मीदवार पर हमले का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा, ‘‘हमारे उम्मीदवार समीर पांजा पर हुआ क्रूरतापूर्ण हमला उनकी (बीजेपी की) हिंसक मानसिकता का प्रमाण है। यह लोकतंत्र नहीं है; यह सरासर गुंडागर्दी है।’’

उत्तरी कोलकाता के मानिकतला से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर एक अधेड़ उम्र के पार्टी नेता का वीडियो साझा किया, जिनकी कमीज खून से सनी थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति उनका चुनाव प्रतिनिधि था जिसे मतगणना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीटा था। वह बीजेपी के तापस रॉय से 15,644 वोट के अंतर से हार गईं।

तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कथित तौर पर सिलीगुड़ी स्थित उसके पार्टी कार्यालय में आगजनी के दृश्य दिख रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के नोआपाड़ा से उम्मीदवार त्रिनांकुर भट्टाचार्य और बैरकपुर के राज चक्रवर्ती के साथ मतगणना केंद्रों से निकलते समय कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में भी टीमसी ऑफिस पर हमला हुआ जहां आरजी कर अस्पताल के बलात्कार-हत्या कांड की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष को 28,836 वोट से हराया।

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